
(फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)
MP News: रक्षाबंधन के दिन जेल में भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें भावनाओं में बह गईं। महिलाओं, युवतियों को पता था कि नशे की सामग्री भाइयों को देना गलत है। लेकिन, भावनाओं में आकर रक्षाबंधन के दिन जेल में राखी बांधने पहुंचीं, तो कुछ महिलाएं-युवतियां ‘नशे की सौगात’ भी साथ ले गईं।
किसी ने बच्चे के ताबीज में गांजा रखा था, तो किसी के डायपर में तंबाकू भरी थी। जेल प्रहरियों ने अंदर जाने से पहले जांच में उन्हें रोक लिया। अफसरों ने फटकारा और तबाकू, गांजा जब्त कर लिया गया। सजा के रूप में उन्हें दोबारा लाइन में लगने के लिए कहा गया।
रक्षाबंधन पर जेल में खुली मुलाकात आयोजित की गई। 3707 बहनों ने जेल में बंद 1561 बंदी और कैदियों से मुलाकात की। उनके साथ 1015 बच्चे भी वहां पहुंचे थे। जेल में बंद 27 महिला बंदी और कैदियों से मिलने उनके भाई पहुंचे और राखी बंधवाई।
कुछ महिलाएं जेल में बंद कैदियों के लिए ताबीज और डायपर में गांजा और कीपैड मोबाइल लेकर पहुंची थीं। जांच के दौरान यह चीजें बाहर ही जब्त कर लीं।- मदन कमलेश, उप जेल अधीक्षक, सेन्ट्रल जेल
सभी महिलाओं और बच्चों को कड़ी जांच के बाद जेल में प्रवेश दिया जा रहा था। इस दौरान एक बच्चे के ताबीज को जेल कर्मियों ने देखा, तो वह सामान्य से बड़ा दिखा। उसे जांचा गया, तो उसमें गांजा मिला। एक बच्चे के डायपर में तंबाकू मिली। एक महिला कीपैड मोबाइल अंदर ले जाने की फिराक में थी, लेकिन सुरक्षा जांच में पकड़ी गई। एक महिला ने साड़ी में सिलाई कर गांजा छिपा कर रखा था। हालांकि, रक्षाबंधन के चलते किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
Updated on:
11 Aug 2025 04:25 pm
Published on:
11 Aug 2025 04:25 pm
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