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नाबालिग जाती थी ट्यूशन पढऩे, टीचर ने बनाया हवस का शिकार

गुरु-शिष्य की पावन परंपरा को किया कलंकित, मिलेगी सजा जिला अदालत ने सुनाई दस साल की सजा, सजा में रियायत देने से इनकार

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जबलपुर। जो बच्ची उसे अपना गुरु मानती थी, उसी की नीयत में खोट निकली। जिसके बाद उक्त बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना लिया। जिला अदालत ने नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दुराचार के एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि,'पीडि़ता अपराधी के घर ट्यूशन पढऩे जाती थी। अपराधी ने गुरु-शिष्य की पावन परंपरा को कलंकित किया है।Ó एडीजे पीसी गुप्ता की अदालत ने कहा कि, 'इस परंपरा की सत्यता व निष्ठा को अक्षुण्ण रखने के लिए अपराधी को कठोर दंड देना पड़ेगा।Ó कोर्ट ने अपराधी को दस वर्ष सश्रम कारावास का दंड दिया है।

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ये है मामला-अभियोजन के अनुसार २६ अप्रैल २०१४ की शाम करीब सात बजे महाराजपुर, अधारताल क्षेत्र में रहने वाली दसवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा अपने घर के बाहर खड़ी थी। इसी समय क्षेत्र का ही रॉबर्ट मॉर्टिन मोटरसाइकिल लेकर आया और छात्रा से कहा कि उसकी मां की तबियत ठीक नहीं है। झांसा देकर वह उसे मोटरसाइकिल पर बैठा कर धनवंतरि नगर बस स्टैंड ले गया। वहां से वे नागपुर चले गए, जहां आरोपी रॉबर्ट ने किराए में मकान लेकर किशोरी को रखा। लगभग एक माह तक वह उसे जान से मारने की धमकी देकर दुष्कृत्य करता रहा। ९ मई को वह किशोरी को जबलपुर लेकर आया, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

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कम आयु का तर्क नहीं चला-किशोरी के अभिभावकों की रिपोर्ट व जांच पर पुलिस ने आरोपी रॉबर्ट के खिलाफ विभिन्न धाराओं व पोक्सो एक्ट की धारा ६ के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर अदालत में पेश किया था। सजा के प्रश्न पर आरोपी की ओर से कम उम्र का हवाला देकर सजा में कमी की मांग की गई। कोर्ट ने इसे ठुकराते हुए आरोपी को सभी आरोपों में दोषसिद्ध करार देते दस वर्ष व पोक्सो एक्ट में दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा व दस हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया।

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