5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रेलयात्रा होगी तूफानी : 160 किमी की गति से फर्राटा भरेंगी ट्रेनें

पश्चिम मध्य रेल ट्रैक में सामान्य प्वाइंट की जगह तेजी से लगाए जा रहे नए स्विच

less than 1 minute read
Google source verification
t trains

railway

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल में पूरा ट्रैक विद्युतीकृत होने के बाद रेलवे लाइन में तेजी से थिक वेब स्विच लगाए जा रहे है। आधुनिक स्विच लगाने से पटरियों पर ट्रेनों को 160 किमी प्रतिघंटा की गति तक दौड़ाया जा सकेगा। सुरक्षा भी बढ़ेगी। रेलवे बोर्ड ने पमरे को पिछले वर्ष 150 थिक वेब स्विच लगाने का लक्ष्य दिया था। इसमें तेजी से कार्य करते हुए पमरे ने अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच तक 220 सामान्य प्वाइंट की जगह थिकवेब स्विच लगाए। लक्ष्य से लगभग डेढ़ गुना थिक वेब स्विच रेल लाईनों में लगाकर नया रेकॉर्ड बानाया है। पमरे की ओर से अभी थिक वेब स्विच लगाने का कार्य तीनों रेल मंडल के प्रमुख एवं व्यस्त मार्ग पर किया जा रहा है। अभी तक मेल/एक्सप्रेस गाडिय़़ों की अधिकतम गति 130/110 कि.मी. प्रति घंटा की गति से अनुमति है। नए स्विच लगने के बाद ट्रेनों की गति बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने पर विचार किया जाएगा।
ढाई घंटे का ब्लॉक
रेलवे लाइन के स्विच को बदलने के लिए ढाई से तीन घंटे का ब्लॉक लेने की आवश्यकता पड़ती है। इसके साथ ही 30-40 कर्मचारियों का दल कार्य को पूरा करता है। इसे लगने में प्वाइंट मशीन का उपयोग होता है।
ये है नए स्विच की विशेषता
- लांंगहाल मालगाड़ी जैसी भारी गाडिय़ों के भार को सहने की क्षमता।
- सुरक्षा की द्वष्टि से सामान्य स्विच की तुलना में थिकवेब स्वीच का जीवन 3 गुना अधिक है।
- लगभग 3 गुना महंगा है। लेकिन, इसका रखरखाव अपेक्षाकृत कम है।
- नए प्वाइंट में झटके कम लगेगें। यात्रियों को आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी।