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पंजाब के बाद अब ‘उड़ता जबलपुर’, स्मैक, कोकीन, गांजा का हॉटस्पॉट

पंजाब के बाद अब ‘उड़ता जबलपुर’, स्मैक, कोकीन, गांजा का हॉटस्पॉट

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गोविंद ठाकरे@जबलपुर। स्थानीय युवा तेजी से नशे के मेट्रो कल्चर की गिरफ्त में आया है। पब, जिम, क्लब, कॉलेज कैंटीन से लेकर हुक्का लाउंज की महफिलें सजने लगी हैं। नशे के सुरूर में डूबे युवाओं का बड़ा तबका धुएं के छल्ले उड़ाने में चूर नजर आता है। हैरानी की बात है कि तमाम दावों के बावजूद जिम्मेदार नशे का नेटवर्क नहीं तोड़ पा रहे। युवाओं को इसकी गिरफ्त से बचाने की कोई कोशिश भी नहीं दिख रही। मादक पदार्थों की तस्करी धड़ल्ले से बढ़ी है। यहां हुक्का लाउंज संचालन पर रोक का आदेश बेअसर है। जबलपुर ही नहीं अंचल के कस्बों-शहरों में भी नस्ल खराब करने वाला नशा तेजी से पैर पसार रहा है।

मेट्रो कल्चर की गिरफ्त में स्थानीय युवा, अंचल में तेजी से फैल रहा नशे का नेटवर्क
सावधानी हटी और बन गया ‘उड़ता जबलपुर’ तस्करों के लिए मादक पदार्थों का ‘हॉटस्पॉट’

पुलिस कार्रवाई के आंकड़ों पर गौर करें, तो जबलपुर में पिछले दो वर्षों में एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी और इस्तेमाल पर सौ से अधिक मामले दर्ज किए गए। इस वर्ष अभी तक 70 से अधिक प्रकरण बनाए जा चुके हैं। जाहिर है ये वे मामले हैं, जो मुखबिर की सूचना पर पकड़ लिए जाते हैं। बड़ी संख्या में चोरी-छिपे तस्करी के गिरोह तो पकड़े ही नहीं जाते। नरसिंहपुर में इस साल अब तक गांजा के 29 और स्मैक के 19 प्रकरण सामने आ चुके हैं। जबलपुर को तस्करी के छत्तीसगढ़ रूट से जोडऩे वाले शहडोल जिले में दो वर्ष में गांजे की डेढ़-डेढ़ दर्जन खेप पकड़ी गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह क्षेत्र मादक पदार्थों की तस्करी का ‘हॉटस्पॉट’ बन गया है।

खपाया जाता है गांजा-डोडा और चूरा-जबलपुर में बड़ी मात्रा में गांजा, स्मैक और डोडा-चूरा खपाया जाता है। बीते दो वर्षों में जिले में पांच सौ किलो से अधिक गांजा हर साल पकड़ा गया। इस साल अब तक सवा चार सौ किलो की जब्ती बताई गई है। इसी तरह डोडा-चूरा की भी अच्छी खासी मात्रा पकड़ी जा चुकी है। अलग-अलग रूट से हर साल साढ़े आठ सौ ग्राम से अधिक स्मैक की खेप जब्त की गई।

स्मैक की बड़ी खेप
नरसिंहपुर जिले में बीते कुछ महीनों में आधा दर्जन से अधिक खेप पकड़ी गई। कोतवाली थाना क्षेत्र में साढ़े चार लाख की 45 ग्राम, ठेमी पुलिस ने पांच लाख की 50 ग्राम, सुआताल थाना अंतर्गत करीब डेढ़ लाख की 15 ग्राम स्मैक जब्त की गई। इतनी ही मात्रा तेंदूखेड़ा में पकड़ी गई। यह तस्कारी पुलिस के आंकड़ों की है। असल तस्करी इससे कहीं ज्यादा है।

महीनेभर में बड़ी कार्रवाई
शहडोल की रामनगर पुलिस ने कार से 92 प्लास्टिक के पैकेट में 460 किलो गांजा जब्त किया। इसकी कीमत 40 लाख रुपए आंकी गई। लगभग इतनी ही कीमत का जैतहरी थाना क्षेत्र में नारियल से लदी जीप में 400 किलो गांजा पाया गया। बिजुरी थाना क्षेत्र में भी दस लाख का 140 किलो गांजा जब्त किया गया। जानकारों के अनुसार कार्रवाई कम हुई हुई हैं।

बीते एक माह में मादक पदार्थ बेचने वाले कई गिरोह पकड़े गए हैं। ओडिशा से आने वाले गांजे को लेकर अलर्ट है। नशीले इंजेक्शन के रैकेट भी पकड़े गए हैं। पुलिस अधिकारी कॉलेजोंं में जाकर छात्र-छात्राओं और युवाओं से संवाद करके नशे से दूर रहने की हिदायत भी देंगे।
- सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी