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जबलपुर। स्टूडेंट्स तक अधिक से अधिक ज्ञान की बातें पहुंचाने के लिए आज शिक्षा क्षेत्र क्रांति के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में शिक्षा को लेकर नित नये आयाम लिखे जा रहे हैं। इसी क्रम में जबलपुर के कृषि विश्वविद्यालय द्वारा भी एक अनूठी पहल की जा रही है। जो यहां पढऩे वाले स्टूडेंट्स के लिए मील का पत्थर साबित होगी। दरअसल, कृषि विश्वविद्यालय में आकाशवाणी स्टूडियो तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से विवि में ही कार्यक्रम तैयार किए जा सकेंगे, वहीं भोपाल और जबलपुर के केंद्रों पर अधिक निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। विवि प्रशासन ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है। जानकारों के अनुसार तीन माह में निर्माण होने की संभावना है। वहीं कृषि संबंधी लोकगीत व गाने भी इस रेडियो से सुनाने का विचार किया जा रहा है।
यह होगी व्यवस्था
एक मिनी स्टूडियो होगा, जो ऑडियो और विजुअल सिस्टम से लैस होगा। रिकार्डिंग और वीडियो निर्माण की व्यवस्था रहेगी। कृषि से जुड़े कार्यक्रम के अलावा वैज्ञानिकों के व्याख्यान एवं संगोष्ठियां भी हो सकेंगी। सभी तकनीकी सुविधाएं, उपकरण, मिक्सिंग सेट, कम्प्यूटर आदि का प्रावधान है। कार्यक्रमों की सीडी बनाकर जबलपुर आकाशवाणी केंद्र में भी ब्राडकॉस्टिंग के लिए भेजा जाएगा।
प्रदेश के 20 कृषि विज्ञान केंद्र जुड़ेंगे
प्रस्तावित योजना के तहत कृषि विवि के अधीन प्रदेश में 20 कृषि केंद्रों को आकाशवाणी केंद्र से जोड़ा जाएगा। सबसे अधिक फायदा वीडियो क्राफेंसिंग से होगा। इससे विवि प्रशासन सभी 20 केंद्रों पर निगाह रखने के साथ सीधे अधिकारियों, विशेषज्ञों से चर्चा कर सकेगा।
जनसामान्य तक सीधे होगी पहुंच
स्टूडियो बनने से किसानों एवं जनसामान्य तक सीधे पहुंच हो सकेगी। विवि प्रशासन द्वारा आवश्यक उपकरणों की खरीदी की जा रही है। प्रस्तावित भवन को दुरुस्त किया जा रहा है।
कृषि विवि में आकाशवाणी स्टूडियो बनाने की तैयारी की जा रही है। बोर्ड से इसके लिए एप्रूवल मिल गया है। इसके बनने से कृषि कार्यक्रम अब आसानी से विवि में ही तैयार हो सकेंगे।
- पीके बिसेन, संचालक विस्तार सेवाएं
Updated on:
04 Aug 2017 12:33 pm
Published on:
04 Aug 2017 11:49 am
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