
indian wedding
जबलपुर। सनानत संस्कृति में शादी सबसे बड़ा संस्कार है। ब्याह कर न केवल दो स्त्री-पुरुष जीवनभर के लिए एक हो जाते हैं बल्कि इसी बंधन के माध्यम से वे अपने सभी प्रमुख पारिवारिक, धार्मिक और सामाजिक उत्तरदायित्व निभा पाते हैं। इस संस्कार की इतनी अहमियत के कारण ही विवाह मुहुर्त पर भी खासा ध्यान दिया जाता है। दो माहों में तीन मुहूर्त बहुत खास हैं। तीन अलग-अलग तिथियों पर ये विवाह मुहुर्त आएंगे जिनमें होनेवाली शादियां ज्यादा फलदायी भी सिद्ध होंगी। 23 नवंबर को विवाह पंचमी के दिनं भगवान श्रीराम और माता जानकी का विवाह हुआ था। इसलिए यह विवाह मुहुर्त बहुत शुभ है।
विशेष हैं ये तीन मुहुर्त
ग्रह गणनाओं के अनुसार इस बार नवंबर से दिसंबर तक कई विवाह मुहूर्त हैं। 19 नवंबर से विवाह मुहुर्त शुरु हो गए हैं और दिसंबर तक कई शादियां होनी हैं पर इन विवाह मुहुर्त में कुछ विशेष मुहुर्त भी हैं। इन दो माहों में तीन मुहूर्त तो बहुत खास हैं। तीन अलग-अलग तिथियों पर ये विवाह मुहुर्त आएंगे जिनमें होनेवाली शादियां ज्यादा फलदायी भी सिद्ध होंगी।
भगवान श्रीराम, माता जानकी की विवाह तिथि
23 नवंबर को इसमें से पहली तिथि आएगी। विवाह पंचमी के इस दिनं भगवान श्रीराम और माता जानकी का विवाह हुआ था। इसलिए यह विवाह मुहुर्त बहुत शुभ है। 29 नवंबर को मोक्षदा एकादशी है। माना जाता है कि इस तिथि पर विवाह होने पर भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी तरह 3 दिसंबर को अगहन की पूर्णिमा और भगवान दत्तात्रेय भगवान की जयंती में भी विवाह करने को विशेष शुभ माना गया है।
होंगी सैंकड़ों शादियां
पंडित दीपक दीक्षित कहते हैं कि विवाह के साथ ही अन्य किसी भी मंगल कार्य के लिए ये तिथियां बहुत शुभ साबित होंगी। इन पर्व तिथियों में रिकॉर्ड शादियां भी होने वाली हैं। धार्मिक, आध्यात्मिक महत्व और पर्व की अहमियत के कारण कई परिवारों ने विवाह मुहुर्त के लिए इन तिथियों को चुना है।
Published on:
21 Nov 2017 11:52 am

बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
