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#gatiman express: वैदिक युग में बनाए गए थे कई गतिमान विमान

ध्वनि के वेग से उड़ते थे विमान, भगवान और देवता करते थे इनका उपयोग

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Ajay Khare

Apr 06, 2016

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अजय खरे @जबलपुर। मंगलवार को भारत की सबसे तेज गति वाली गतिमान ट्रेन के संचालन के बाद एक बार फिर वैदिक काल के गतिमान विमान प्रासंगिक हो गए हैं। माना जाता है कि वैदिक काल में ऐसे गतिमान विमान थे जो ध्वनि के वेग से उड़ते थे और दाएं, बाएं, ऊपर नीचे घूमने जैसी कई खूबियों के साथ उनमें रिवर्स गियर भी होता था

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वैमानिका प्रक्रणम में है उल्लेख
वैदिक विज्ञान पर यदि गौर किया जाए तो विमानों के बारे में ऋषि भारद्वाज का गं्रथ वैमानिका प्रक्रणम काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। कहा जाता है कि इसमेें विमानों के बारे में करीब 500 तथ्य बताए गए थे। जिनमें से अब महज आधे ही उपलब्ध हैं।

क्या थी विमान की तकनीकी
कहा जाता है कि पृथ्वी, जल तथा आकाश में पक्षियों के समान वेग पूर्वक जो चल सके, उसे विमान कहते थे। शास्त्रों में विमान चलाने के बत्तीस रहस्य बताए गए हैं । विश्वकर्मा , छायापुरुष , मनु तथा मय दानव आदि के विमान शास्त्र में आवश्यक धातुओं द्वारा इच्छित विमान बनाने की जानकारी दी गई है।

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छिपाए जा सकते थे विमान
विमान विशेषज्ञों को विमान को छिपाने व आवश्यकतानुसार छोटा बड़ा करने की भी तकनीक पता थी। सौदामिनी कला ग्रंथ व अन्य विमान शास्त्रों में बिजली , अग्नि, जल और वायु, गैस, तेल, सूर्य रश्मियों ,चुम्बक ,वायु से चलने वाले विमानों का उल्लेख है। सतयुग और त्रेता युग में मंत्रिका प्रकार के 56 विमानों व कलियुग में कृतिका प्रकार के यंत्र चालित 25 विमानों का उल्लेख है। वेदों में विमान संबंधी उल्लेख कई जगहों पर मिलते हैं। देवताओं के वैद्य अश्विनीकुमारों द्वारा निर्मित पक्षी की तरह उडऩे वाले त्रितल रथ, विद्युत-रथ और त्रिचक्र रथ का वर्णन है। महाभारत में श्री कृष्ण, जरासंध बाल्मीकि रामायण में 'पुष्पक विमानÓका उल्लेख है।

हाथी की शक्ल का विमान
ऋग्वेद में करीब 200 बार विमानों के बारे में उल्लेख है। हाथी की शक्ल के दो इंजन वाले अहनिहोत्र विमान की जानकारी मिलती है। यजुर्वेद में एक विमान के प्रयोग से राजा भुज्यु को समुद्र में डूबने से बचाने के बारे में बताया गया है। समरांगन सूत्रधारा के अनुसार सबसे पहले ब्रह्मा, विष्णु, यम, कुबेर तथा इन्द्र के लिये 5 प्रकार के विमानों का निर्माण किया गया था। शास्त्रों में विमान चलाने के बत्तीस रहस्य बताए गए हैं। jabalpur news in hindi