
जगदलपुर. महाराष्ट्र में गढ़चिरौली मुठभेड़ के बाद की बदली हुई परिस्थितयों में अब छत्तीसगढ़ पुलिस बस्तर में भी नक्सलियों पर दबाव बढ़ाने के लिए ऑपरेशन तेज करने की रणनीति बनाई है। इसके तहत आने वाले दिनों में बस्तर के धुर नक्सली जिले सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर को फोकस कर पुलिस ऑपरेशन की रणनीति बनाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार ने पिछले दिनों दक्षिण बस्तर के प्रवास में पुलिस एवं सीआरपीएफ के अधिकारियों से चर्चा कर विशेष रणनीति बनाने की बात कही थी। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को राजधानी रायपुर में के. विजय कुमार की मौजूदगी में राज्य पुलिस के अफसरों की बैठक में भी नक्सल उन्मूलन को लेकर समीक्षा की गई।
समाधान फॉर्मूला पर भी हुई चर्चा
नक्सल समस्या के निराकरण के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने समाधान फॉर्मूला बनाया है। इसके तहत नक्सल प्रभावित राज्यों में चलने वाले ऑपरेशन का नेतृत्व राज्य पुलिस करेगी। इसके अलावा अत्याधुनिक संसाधनों जैसे यूएवी, मिनी यूएवी, हाईग्रेड सर्विलांस सिस्टम, नए कैंपों की स्थापना और विकासकार्यों को गति दी जाएगी। साथ ही नक्सल इलाकों में गवर्नेंस को बढ़ाते हुए 2022 तक नक्सलवाद का खात्मा करने की बात कही गई थी। छत्तीसगढ़ के एडीजी (नक्सल ऑपरेशन) विवेकानन्द सिन्हा का कहना है कि विजय कुमार के साथ हुई बैठक में अबतक की स्थिति की समीक्षा की गई है। नक्सली लगातार कमजोर हो रहे हैं। वे शीघ्र ही नक्सल प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।
सिलगेर की घटना के बाद नहीं खुला कोई नया कैंप
सिलगेर मामले के बाद बस्तर में पुलिस एक भी नया कैंप नहीं खोल पाई है। नक्सलियों की मॉस मोबलाइजेशन की रणनीति के कारण ठहराव की स्थिति बन गई है। लेकिन गढ़चिरौली में सी-60 जवानों ने जिस तरह हमला बोलकर 27 नक्सलियों को ढेर किया है, इससे जवानों के हौसले बुलंद हैं।
Published on:
01 Dec 2021 10:07 am
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