
बस्तर में फिर से काउंसलिंग की उठी मांग (Photo source- Patrika)
Bastar News: बस्तर जिले में युक्तियुक्तकरण के तहत 2, 3 और 4 जून को हुई काउंसलिंग में अनियमितता का आरोप लगाते हुए सर्व शैक्षणिक संगठन ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को सैकड़ों शिक्षकों ने बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोबारा काउंसलिंग की मांग की और शाला प्रवेश उत्सव के बहिष्कार की चेतावनी दी।
शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री गजेंद्र श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि काउंसलिंग में पारदर्शिता नहीं बरती गई। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने अपने चहेते शिक्षकों को जगदलपुर शहर और आसपास के स्कूलों में पोस्टिंग दी, जबकि शेष शिक्षकों को 80-90 किमी दूर के स्कूलों में भेज दिया गया। विकलांग शिक्षक अनिल डोंगरे ने कहा कि उनकी विकलांग कोटा के तहत भर्ती हुई थी और पहले शहर में पोस्टिंग थी, लेकिन अब उन्हें 80 किमी दूर भेज दिया गया।
महिला शिक्षक सुनिता साहू ने भी काउंसलिंग में मनमानी का आरोप लगाया, क्योंकि उनके बाद आए शिक्षकों को जगदलपुर ब्लॉक में पोस्टिंग दी गई, जबकि उन्हें मना कर दिया गया। शिक्षकों ने मांग की कि युक्तियुक्तकरण पर सरकार पुनर्विचार करे या दोबारा काउंसलिंग हो, अन्यथा वे आगामी शाला प्रवेश उत्सव का बहिष्कार करेंगे।
Bastar News: बस्तर कलेक्टर एस हरिश ने दावे को खारिज करते हुए कहा कि काउंसलिंग पूरी पारदर्शिता के साथ हुई। जिले में 214 अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकविहीन और एकल शिक्षक स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर तैनात किया गया। केवल दो स्कूल बंद किए गए और 274 स्कूलों का समायोजन हुआ। उन्होंने शिक्षक संघ के आरोपों को निराधार बताया।
Updated on:
11 Jun 2025 04:07 pm
Published on:
11 Jun 2025 04:07 pm
