
30 feet Shivaling in Bastar : बस्तर जिला मुख्यालय से 18 किमी दूर रामपाल गांव में एक शिवालय हैं। इस मंदिर को लेकर कि वदंती है कि जब भगवान वनवास काल के दौरान यहां पहुंचे तो उन्होंने यहां शिवलिंग की स्थापना कर पूजा- अर्चना की थी। कहा जाता है कि मंदिर के जिस शिवलिंग की वर्तमान में पूजा की जा रही है वह भगवान राम के हाथों स्थापित है। इस मंदिर को बस्तर का रामेश्वर भी कहा जाता है। दक्षिण प्रवेश से पहले प्रभु राम ने रामपाल के बाद सुकमा जिले के रामाराम के चिटपिट्टीन माता मंदिर आराधना की थी। रामपाल का शिवलिंग रामायणकालीन होने की पुष्टि विद्वानों ने और शोध संस्थानों ने की है।
ग्रामीण बोले- सरकार ध्यान दें तो बस्तर का विकास होगा
ग्रामीण कहते हैं कि इस मंदिर से भगवान राम का सीधा संबंध है, क्योंकि मंदिर का शिवलिंग 30 फीट ऊंचा है। बाहर 5 फीट का हिस्सा दिखता है, बाकी जमीन में है। ऐसा शिवलिंग रामायणकालीन ही हो.. सकता है। इस स्थान के विकास से सरकार जुड़े तो गांव के साथ ही पूरे बस्तर का विकास होगा और यह स्थान छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र में छा जाएगा। वर्तमान में जब अयोध्या में श्रीराम मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा हो रही है तो एक बार इस मंदिर को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
Updated on:
13 Jan 2024 10:03 am
Published on:
13 Jan 2024 09:59 am
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