
जगदलपुर. सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी (Soni Sori) और उनके सहयोगी लिंगा राम कोडोपी से पुणे के भीमा कोरेगांव मामले (Bhima Koregaon violence case) में पूछताछ करने एनआईए (NIA) की टीम मंगलवार को जगदलपुर पहुंची थी। बुधवार को सुबह टीम ने जब दंतेवाड़ा पहुंचकर सोनी सोरी और लिंगाराम को तलब किया तो पता चला कि सोरी कोरोना पॉजिटिव हैं।
इसी वजह से टीम के सदस्य इन दोनों से बगैर पूछताछ किए वापस लौट गए। बता दें कि एनआईए को भीमा कोरेगांव मामले में बस्तर से तार जुड़े होने के सबूत मिले हैं। यही वजह है कि यह दोनों एनआईए के राडार पर हैं। बताया जाता है कि एनआईए 15 दिनों के बाद फिर से यहां आकर सोनी व लिंगा से पूछताछ करेगी।
भाषणों की क्लिपिंग व अन्य प्रमाणों के बारे में होगी पूछताछ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जनवरी 2018 में भीमा कोरेगांव (Bhima Koregaon violence case) में चल रहे आंदोलन में बस्तर से सोनी सोरी और लिंगाराम कोडोपी भी शामिल हुए थे। इस दौरान वह अन्य सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज के साथ वहां लगभग एक सप्ताह रह कर कई आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था और कई सभाओं को भी संबोधित किया था।
एनआईए के पास इनके भाषणों की क्लिपिंग, फोटोग्राफ्स और भी कई प्रमाण मौजूद हैं। इसलिए एनआईए सोनी सोरी (Soni Sori) और लिंगाराम के से पूछताछ कर आंदोलन में इनकी भूमिका का जानना चाहती है। बता दें कि दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी हत्या मामले में भी एनआईए की टीम ने सोनी सोरी को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया था।
Published on:
1 Oct 2020, 10:26 AM IST
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