
आप ने इरपागुट्टा मुठभेड़ को बताया फर्जी (Photo source- Patrika)
CG News: बीजापुर जिले के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के इरपागुट्टा गांव में 6 जून 2025 को हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में मारे गए सात कथित माओवादियों में से एक, महेश कुडिय़म को आम आदमी पार्टी ने सरकारी कर्मचारी बताते हुए इस मुठभेड़ को फर्जी करार दिया है। आप ने इस मामले की किसी आयोग का गठन कर जांच किए जाने व मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।
आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला के नेतृत्व में एक आठ सदस्यीय जांच समिति ने बीजापुर के इरपागुट्टा गांव पहुंचकर महेश कुडिय़म के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात की। इसके बाद जगदलपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रियंका शुक्ला ने बीजापुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने महेश कुडय़िम को एक लाख रुपये का इनामी नक्सली बताकर उसका एनकाउंटर किया, जबकि वह सरकारी स्कूल में रसोइया का काम करता था।
उनके परिजनों ने हमें सभी दस्तावेज दिखाए, जो साबित करते हैं कि महेश एक सरकारी कर्मचारी थे। जांच दल की तरफ से अध्यक्षता कर रही प्रियंका शुक्ला, मिथिलेश बघेल, अनिल दुर्गम, सतीश मंडावी ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से मिलने का प्रयास किया और पुलिस अधीक्षक बीजापुर एवं बस्तर आईजी के नाम से लिखित ज्ञापन भी दिया।
प्रियंका शुक्ला ने बताया कि घटना के 25 दिन बीत जाने के बावजूद कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि महेश कुडिय़म के परिजनों से मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने इसे प्रशासन की संवेदनहीनता करार देते हुए कहा कि महेश के सात बच्चे हैं, जिनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी अब सरकार को लेनी चाहिए। प्रियंका शुक्ला ने कहा कि पुलिस की ओर से ऐसी फर्जी मुठभेड़े तत्काल बंद होनी चाहिए।
ईरपागुट्टा मामले में एक न्यायिक जांच आयोग का गठन करा जाए
पीड़ित परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए
मृतक महेश के समस्त बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी सरकार ले
महेश की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।
Updated on:
01 Jul 2025 01:23 pm
Published on:
01 Jul 2025 01:23 pm
