
CG News: बस्तर के कांगेर घाटी में बहुत जल्द पर्यटकों को प्राकृतिक रूप से पारंपरिक चिकित्सा का लाभ मिलने वाला है। छत्तीसगढ़ में यह अपनी तरह का पहला पारंपरिक हीलिंग सेेंटर होगा जहां पर देशी विदेशी पर्यटक होम स्टे कर वनौषधियों की मदद से अपनी शारीरिक परेशानियों को दूर कर स्वास्थ्य लाभ ले सकता है।
इस हीलिंग सेंटर में प्राचीन परम्पराओं को जीवित करने और भागदौड़ भरी जीवन में होने वाले तनाव से मुक्ति सहित शुगर बीपी जैसे बीमारियों का इलाज प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से किया जाएगा। इसकी पहचान के लिए बस्तर के स्थानीय वैद्यराज तैनात रहेंगे जिनके द्वारा इलाज किया जाएगा। इस दौरान होम स्टे में ठहरने और भोजन की व्यवस्था होगी।
कांगेरघाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक चूड़ामणी सिंह ने कहा कि ट्रेडिशनल हीलिंग सेंटर में नंगे पांव चलने एवं वन के शांत वातावरण में कांगेर नाला के समीप ध्यान अथवा मेडिटेशन की विशेष व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि वन अनुसंधान के अनुसार ठंडे इलाकों के जंगल क्षेत्र में एक खास किस्म के रासायनिक तत्व होते हैं।
यहां नंगे पांव चलने पर सफेद रक्त कणिकाओं की मात्रा बढ़ती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। प्राचीन काल से ऋषि-मुनि जंगल व पर्वतों के बीच तप व ध्यान करते रहे हैं। उसी तरह जंगल के बीच में जगह-जगह बैठने की व्यवस्था कर ध्यान लगाने की व्यवस्था की जाएगी।
हीलिंग सेंटर में मानव इंद्रियों की संवेदना को प्रकृति से जोड़कर मानसिक एवं शारीरिक समस्याओं का उपचार होगा है, ताकि मानसिक शांति की की अनुभूति हो सके। पारंपरिक हीलिंग सेंटर में आयुर्वेद का इस्तेमाल किया जाएगा। ये सेंटर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए परामर्श, चिकित्सा देंगे। इसके अलावा बस्तर पैकेज में आदिवासी कल्चर को जानने समझने सहित यहां की खूबसूरत वॉटर फाल्स और अन्य पर्यटन स्थलों की खूबसूरती को निहारने का मौका मिलेगा।
CG News: सेंटर की स्थापना के लिए जगदलपुर वृत्त के सीसीएफ आरसी दुग्गा एवं राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक चूडा़मणी सिंह प्रयासरत थे। उन्होंने बताया कि इस हीलिंग सेंटर में पर्यटकों को 8 को से10 दिन का पैकेज मिलेगा। इस दौरान पर्यटकों को मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा जिससे वह पूरी तरह बाहरी संपर्क से देर रह कर इस पैकेज का लाभ उठा पाएंगे। 8 से 10 दिनों की पैकेज में सुबह से ही कई प्रयोग किए जाएंगे जिसमें नंगे पांव चलने से लेकर नदी किनारे मेडिटेशन और देशी तरीके से खानपान सहित आसपास के नैसर्गिक वातावरण से परिचित कराया जाएगा।
Updated on:
01 Mar 2025 12:09 pm
Published on:
01 Mar 2025 12:08 pm
बड़ी खबरें
View Allजगदलपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
