
CG Strike: पंचायत सचिवों की हड़ताल लगातार तेज होती जा रही है। सचिवों ने अपनी शासकीयकरण और नियमितीकरण की मांग को लेकर सरकार को 1 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। इस आंदोलन का असर 26 विभागों के कार्यों पर पड़ रहा है, जिससे ग्रामीण प्रशासन लगभग ठप हो गया है।
सरपंच संघ ने भी पंचायत सचिवों के आंदोलन का समर्थन कर दिया है, जिससे सरकार पर दबाव और बढ़ गया है। चुनाव के बाद पहली ग्राम सभा आयोजित होने वाली है, लेकिन पंचायत सचिवों और सरपंचों के हड़ताल पर रहने से ये सभाएं बिना उनके ही संपन्न होंगी। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन पंचायत सचिवों की जगह रोजगार सहायकों को ग्राम सभाओं का दायित्व सौंप सकता है।
18 मार्च से पंचायत सचिव लगातार धरने पर बैठे हुए हैं और सरकार से जल्द से जल्द उनकी मांगें पूरी करने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर 1 अप्रैल तक सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
CG Strike: वहीं बीजापुर जिले के सभी चारों ब्लॉकों में पंचायत सचिव अपनी एक सूत्रीय मांग शासकीयकरण को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। 18 मार्च से जारी इस आंदोलन के कारण ग्राम पंचायतों के जनहित कार्य ठप हो गए हैं।
पंचायत सचिव संघ के ब्लॉक अध्यक्ष बी. बिचेम ने कहा कि प्रदेश पंचायत सचिव संघ के प्रांतीय आव्हान पर यह आंदोलन किया जा रहा है। सरकार से बार-बार मांग उठाने के बावजूद पंचायत सचिवों का शासकीयकरण अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने साफ किया कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। 1 अप्रैल को प्रदेशभर के पंचायत सचिव मंत्रालय का घेराव करेंगे।
Published on:
28 Mar 2025 12:01 pm
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