
Chitrakote Waterfall: क्या प्रदेश के प्रमुख पिकनिक स्पॉट में बैठक करने से बस्तर का विकास होगा। मुख्यमंत्री यहां बस्तर के विकास पर मंथन करने नहीं बल्कि पिकनिक मनाने के लिए आ रहेे हैं। इसी वजह से चित्रकोट को बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक के लिए चुना गया है। बैठक के लिए दो दिन चित्रकोट को बंद करने पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए यह बात कही।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने शनिवार को कांग्रेस भवन में पत्रवार्ता लेते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बस्तर के विकास के लिए बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में बस्तर के जनप्रतिनिधि को जिम्मेदारी दी गई थी ताकि बस्तर की समस्याओं से सीधे अवगत होकर जनप्रतिनिधि बस्तर के विकास पर काम कर सकें। परंतु वर्तमान में बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री हैं,जिनका बस्तर की समस्याओं से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं।
Chitrakote Waterfall: बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कमिश्नर कार्यालय में होती थी। जिससे प्राधिकरण की गरिमा भी बनी रही और बैठकों में गंभीरता भी नजर आती थी। वर्तमान सरकार ने बस्तर विकास प्राधिकरण की पहली बैठक करने में 11 महीने का समय लगा दिया और अब जब बैठक हो रही है तो वह बैठक शासकीय कार्यालय में न होकर चित्रकोट के रिसॉर्ट में हो रही है।
इससे यही पता चल रहा है कि बैठक के नाम पर मुख्यमंत्री यहां पिकनिक मनाने आ रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने मेडिकल कॉलेज की सिटी स्कैन मशीन बंद होने, डीएमफ नीति और आत्मानंद स्कूलों की माली हालात पर भी सवाल उठाए। पत्रवार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स,उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, रविशंकर तिवारी,लता निषाद,सहदेव नाग, जाहिद हुसैन,विशाल खंबारी, सलीम जाफर अली, उस्मान रजा आदि मौजूद रहे।
Updated on:
17 Nov 2024 12:47 pm
Published on:
17 Nov 2024 12:47 pm
