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बस्तर के साहित्यकारों की रचनाएं अब छत्तीसकोष एप में आएंगी नजर, विदेशों में परंपराओं का लहरा रहा परचम

Jagdalpur News: छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति, भाषा-साहित्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने हेतु 2017 में शिकागो से प्रारम्भ करते हुए यह प्रयास 19 देशों तक फैल चुका है। व

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Creations of writers of Bastar will now be seen in Chhatishkosh app

बस्तर के साहित्यकारों की रचनाएं अब छत्तीसकोष एप में आएंगी नजर

Chhattisgarh News: जगदलपुर। नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन के तत्वावधान में रविवार की शाम साहित्यकारों की एक बैठक रखी गई थी। इस बैठक में बस्तर की बोली-भाषा को बढ़ावा देने के लिए तथा बस्तर के साहित्यकारों की रचनाओं को छत्तीसकोश एप के माध्यम से ऑनलाइन किए जाने पर सार्थक चर्चा हुई।

एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेश कर तथा संस्थापक सदस्या दीपाली सारावगी ने साहित्यकारों से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ (cg news) की कला-संस्कृति, भाषा-साहित्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने हेतु 2017 में शिकागो से प्रारम्भ करते हुए यह प्रयास 19 देशों तक फैल चुका है। वर्तमान में 4 हजार से अधिक एनआरआई इस एसोसएशन से जुड़ चुके हैं। संस्था छत्तीसगढ़ की धरोहर, कला- संस्कृति,पर्व-त्योहार, बोली-भाषा, धरोहर आदि पर आधारित जानकारी अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रही है।

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बस्तर में साहित्य की संभावनाओं पर विमर्श

पिछले 10 जून को नाचा संस्था के द्वारा रायपुर में छत्तीसकोश एप को लांच किया, जिसमें अंग्रेजी शब्दों के अर्थ छतीसगढ़ी में तथा छत्तीसगढ़ी भाषा के शब्द अंग्रेजी में अनुवाद किया जा सकेगा। संस्था के अध्यक्ष गणेश कर ने इस एप का विस्तार करते हुए बस्तर की भाषा-बोलियों को भी छत्तीशकोश एप में शामिल करने का निर्णय लिया है। यह संस्था विदेशों मे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और भारतीय संस्क़ृति, परंपराओं का परचम लहरा रही हैं।

उन्होंने बस्तर के वरिष्ठ साहित्यकारों से मुलाकात कर बस्तर के लिए संभावनाओं पर विशेष चर्चा की। इस अवसर पर सुभाष पांडे, रुद्र नारायण (jagdalpur news) पाणिग्राही, नरेंद्र पाढ़ी, पूर्णिमा सरोज, विक्रम सोनी, चमेली नेताम, करमजीत कौर उपस्थित थे।

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