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तहसीलदार के द्वारा जारी निवास प्रमाण को नहीं मान रहे जांच अधिकारी

मामला परियोजना अधिकारी कोण्डागांव. 03 में आबा कार्यकर्ता की नियुक्ति का। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए एकमात्र पात्र आवेदिका को तहसीलदार द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र होने के बावजूद अन्य ग्राम की निवासी बताकर अपात्र करते हुए पूरी भर्ती प्रकिया को निरस्त कर किये जाने का मामला सामने आया है।

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मामला परियोजना अधिकारी कोण्डागांव. 03 में आबा कार्यकर्ता की नियुक्ति का।

मामला परियोजना अधिकारी कोण्डागांव. 03 में आबा कार्यकर्ता की नियुक्ति का।

कोण्डागांव @ रामाकांत सिन्हा . आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए एकमात्र पात्र आवेदिका को तहसीलदार द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र होने के बावजूद अन्य ग्राम की निवासी बताकर अपात्र करते हुए पूरी भर्ती प्रकिया को निरस्त कर किये जाने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता शैलेश शुक्ला ने बताया कि विगत कई वर्षो से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विहीन आंगनबाड़ी केंद्र पटेलपारा छोटे कुरुषनार ग्राम पंचायत बड़े कुरूषनार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्त नहीं हो पाने के एक मामले में परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना कोण्डागांव. 03 से आरटीआई से मिले दस्तावेजों का अवलोकन करने से यह सिद्ध हो जाता है कि, इस आंगनबाड़ी केंद्र में आंबा कार्यकर्ता के लिए केवल एकमात्र पात्र आवेदिका को ही लोक सेवक के द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपात्र बताने के साथ ही इस केंद्र के लिए सभी आवेदिकाओं को भी अपात्र होना बताया गया है। समाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि, जब वे इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारी पर कुटरचना कर पद का दुरूपयोग किए जाने की शिकायत कोतवाली में कराने गए तो वहॉ तैनात डे अफसर के द्वारा मामला ही दर्ज नहीं किया गया।


कलेक्टर के पास पहुंचा मामला
सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा इस मामले को लेकर कलेक्टर कोण्डागांव एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए पात्र आवेदिका को अपात्र बताकर क्षति कारित करने के आशय से जानबूझकर अशुद्ध दस्तावेज तैयार करके आवेदिका को गंभीर क्षति पहुंचाने वाले मामले में 7 दिवस में जांच करके आपराधिक कृत्य करने वाले परियेाजना अधिकारी पर तत्काल मामला दर्ज कराने की मांग की गई है। यदि सप्ताह के भीतर गंभीर मामले की जांच कराकर परियोजना अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही समय सीमा में नहीं करने पर आवेदक के द्वारा सिटी कोतवाली कोण्डागांव में स्वत: ही सम्बन्धित अधिकारियों के विरुद्ध मामला दर्ज करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किये जाने का लेख किया गया है। एकमात्र पात्र आवेदिका के द्वारा ग्राम छोटे कुरूषनार की निवासी होने का तहसीलदार कोण्डागांव द्वारा 2011 में जारी निवास प्रमाण पत्र आवेदन के साथ संलग्न किया गया है। और वह उसी केंद्र में लगातार आबां सहायिका के रूप में कार्यरत थी।