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शुभ और मांगलिक कार्यों पर लगेगा रोक, मार्च में 9 दिन तक ही बजेगी शहनाई… इस दिन से लगेगा खरमास, जानिए विवाह के शुभ मुहूर्त

Auspicious Dates: मार्च शुरु होते ही शादियों की धूम शुरु हो गई है। जब सूर्य मीन राशि में गोचर करता है, तो उसे मीनमास कहा जाता है। खरमास मार्च से अप्रेल तक होता है। यह अवधि वर्ष में दो बार आती है।

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Jagdalpur News: मार्च शुरु होते ही शादियों की धूम शुरु हो गई है। जब सूर्य मीन राशि में गोचर करता है, तो उसे मीनमास कहा जाता है। खरमास मार्च से अप्रेल तक होता है। यह अवधि वर्ष में दो बार आती है। यह सूर्य के धनु या मीन राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जिसे धनुमास और मीनमास के रूप में जाना जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 14 मार्च को दोपहर 12.24 बजे सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी। सूर्य देव 13 अप्रेल को रात्रि 9.03 बजे तक मीन राशि में रहेंगे। इस अवधि में खरमास रहेगा। राशि चक्र की अंतिम राशि मीन है और जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करता है, तो खरमास माना जाता है। पं. दिनेश ने बताया कि ऐसे में कोई भी धार्मिक कार्य यानी पूजा, हवन आदि तो किए जा सकते हैं, लेकिन किसी भी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, कलश स्थापना आदि नहीं किए जा सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धनु और मीन गुरु की राशियां हैं।

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खरमास में इन नियमों का करें पालन

खरमास में देवी-देवताओं, वेदों, ब्राह्मणों, गुरुओं, गायों और संतों की सेवा करनी चाहिए। ऐसा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। खरमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करने की परंपरा है। इस माह में प्रतिदिन विष्णु सहस्त्रनाम और गीता का पाठ करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। खरमास के दौरान पवित्रता बनाए रखनी चाहिए, यदि संभव हो, तो दिन में एक बार भोजन करना चाहिए। खरमास में पत्तों पर भोजन करने और जमीन पर सोने के नियम हैं। खरमास के दौरान शुभ कार्यों को न करने की सलाह दी जाती है।
3 मार्च रविवार को अनुराधा नक्षत्र रहेगा। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 44 मिनट से दोपहर 3 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।

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4 मार्च सोमवार को अनुराधा नक्षत्र रहेगा। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त रात 10 बजकर 16 मिनट से 5 मार्च मंगलवार की सुबह 06 बजकर 42 मिनट तक।

5 मार्च मंगलवार को मुला नक्षत्र रहेगा। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 42 मिनट से दोपहर 2 बजकर 9 मिनट तक रहेगा।

6 मार्च बुधवार को मुला नक्षत्र रहेगा। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 52 मिनट से 7 मार्च दिन गुरुवार की सुबह 6 बजकर 40 तक रहेगा।

7 मार्च गुरुवार को उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र रहेगा। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 40 मिनट से सुबह 8 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।

10 मार्च रविवार को उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र रहेगा। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त रात 1 बजकर 55 मिनट से 11 मार्च दिन सोमवार को सुबह 06 बजकर 35 मिनट तक।

11 मार्च सोमवार को उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र रहेगा। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 35 से 12 मार्च मंगलवार को सुबह 06 बजकर 34 मिनट तक।

12 मार्च मंगलवार को उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र रहेगा, इसके बाद रेवती नक्षत्र शुरू हो जाएगी। विवाह के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 34 मिनट से दोपहर 3 बजकर 8 मिनट तक।