दरअसल, शहर में लंबे समय से आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या, रात के समय झुंड में घूमने, लोगों पर हमला करने और रेबीज जैसी बीमारियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए महापौर संजय पांडेय ने पशु प्रेमी संस्थाओं और निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की रूपरेखा तैयार करवाई। इसके बाद नगर निगम, पशु चिकित्सा विभाग और पशु प्रेमियों की संयुक्त निगरानी समिति बनाई गई, जो पूरे अभियान पर नजर रखेगी।