
देश को डिजीटल बनाने की दौड़ के अंधाधुन तरीके से हो रहे ये काम, सडक़ पर उतरे लोग, अब नहीं चलेगा ये काम
जगदलपुर. देश को डिजीटल भारत बनाने की दौड़ में अंधाधुन तरीके से मोबाइल टॉवरों का जाल बिछाया जा रहा है वह भी तमाम नियमों को दरकिनार कर। लेकिन शायद ही इस टॉवर से निकलने वाले रेडिएशन से होने वाली दूरगामी दिक्कतों के बारे में कोई सोचता है। लेकिन पहली बार शहर के अंबेडकर वार्ड के लोगों ने इस परेशानी को समझा और सोमवार को वे सडक़ पर उतर गए और कहा नो मोर टॉवर। दरअसल सोमवार को अंबेडकर वार्ड में मोबाइट टॉवर लगाने का काम शुरू हुआ था।
कंपनी टॉवर लगाने पर अड़ी रहती है
इस बात की खबर जब वार्डवासियों को लगी तो वे मौके पर पहुंचे और कहा कि यहां पहले से इतने टॉवर लगे हैंए इसकी परमिशन कैसे मिली। इसी बीच दोनों पक्षों के मध्य विवाद बढ़ गया और उन्होंने साफ कह दिया कि उनके वार्ड में अब वे और टॉवर नहीं लगने देंगे। इस जागरूकता को देखते ही देखते लोग उनसे जुडऩे लगे हैं। उनक कहना है कि वे मोबाईल टॉवर से निकलने वाली रेडियशन के कारण पैदा होने वाले खतरे की वजह से इसे नहीं लगाने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी कंपनी टॉवर लगाने पर अड़ी रहती है तो वे कोर्ट की शरण में जाएंगे।
वार्ड मे तीन निजी कंपनियो के टॉवर लगे हुए है
शहर के अंबेडकर वार्ड निवासी लोगो का कहना है कि वार्ड मे मनमानी तरीके से टॉवर लगाया जा रहा है। जबकि पहले से ही इस वार्ड मे तीन निजी कंपनियो के टॉवर लगे हुए है। ऐसे मे बिना परमिशन के निजी कंपनियो द्वारा कही भी टॉवर लगाने काम किया जा रहा है। जिसका वार्डवासी विरोध कर रहे है। वार्ड के लोगो का कहना है कि इस टॉवर से निकलने वाले रेडियशन का सबसे बड़ा प्रभाव बच्चों पर पडेगाए और वार्डवासी अब किसी भी कीमत पर इस टॉवर को लगने नही देंगे।
जिस टॉवर को लगाया जा रहा उसकी अनुमति ही नहीं
इधर निगम के उपनेता प्रतिपक्ष और भाजपा पार्षद संग्राम सिंह राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि शहर मे सरकारी और निजी कंपनियो द्वारा मनमानी ढंग से मोबाईल टॉवर लगाये गये है, जबकि निगम के अंर्तगत शहर मे कुल 66 टॉवर की परमिशन है। पहले से ही लगे है जिनमे कई टॉवर अवैध रूप से लगाये गये है। निगम के आला अधिकारी इन निजी कंपनियो के साथ मिलीभगत कर बिना परमिशन के इन अवैध रूप से लगे टॉवरो के संचालको पर कोई कार्रवाई नही कर रहे है। जिससे इनकी मिली भगत साफ जाहिर होती है। वार्डवासियों के फैसले के साथ वे हैं।
निशा
वार्ड में काम शुरू होने के बाद जब मैं पहुंचा तो पता चला के यहां टॉवर लागया जा रहा है। जब इसके अनुमति की जानकारी मांगी गई तो कंपनी के लोगों ने बताया कि वह तो नहीं है। ऐसे में वार्ड के सभी लोग भी मौके पर पहुंचे और सभी ने कहा कि अपने परिवारों के भविष्य को देखते हुए अब वार्ड में और नेटवर्क नहीं लगाने देंगे।
विवेक
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Published on:
06 Aug 2019 05:16 pm
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