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Patrika Raksha Kavach Abhiyan: 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रहा रिटायर्ड कर्मी, फिर दोस्त को किया फोन… जानें मामला

Patrika Raksha Kavach Abhiyan: किसी तरह हिम्मत जुटा कर कर्मचारी ने आरोपियों से डिजिटल अरेस्ट से बाहर निकलने का रास्ता पूछा तब अपराधियों ने उन्हें रिहा करने के लिए पैसे की मांग की।

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Patrika Raksha Kavach Abhiyan

Patrika Raksha Kavach Abhiyan: आपका आधार कार्ड में लिंक इस नंबर का उपयोग देश में गैर कानूनी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। ऐसे में क्यों न आपको देशद्रोह कानून के तहत धारा लगाकर गिरफ्तार किया जाए। आप अपने आधार नंबर के द्वारा कई गैर कानूनी कार्य कर धन अर्जित कर रहे हैं, इसके लिए आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Patrika Raksha Kavach Abhiyan: जानें पूरा मामला

ऐसा कह कर साइबर अपराधियों ने एक शासकीय रिटायर्ड कर्मचारी शिव कुमार (परिवर्तित नाम) को पूरे 24 घंटे तक डिजिटिल अरेस्ट कर बंधक बना लिया। बस्तर जिला मुख्यालय में निवास कर रहे रिटायर्ड शासकीय कर्मचारी ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि 11 नवंबर की सुबह 11 बजे एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया और कहा गया कि वह सीबीआई दफ्तर से बोल रहा है।

इस कॉल के दौरान अपराधियों ने उन्हें उनके आधार कार्ड का लिंक नंबर का उपयोग गैर कानूनी कार्यों में होने की जानकारी दी और कहा कि यह बहुत बड़ा अपराध है। इस दौरान उन्हें कथित रूप से सीबीआई अधिकारी से बात कराया गया। इस कॉल के दौरान सीबीआई अधिकारी ने उनसे कहा कि गैर कानूनी कार्योंं के लिए उनके खिलाफ कई प्रकरण दर्ज है। ऐसे में निगरानी और पूछताछ के लिए उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया है।

दोस्त को किया कॉल

इस बीच कर्मचारी ने अपने दोस्त को इस घटना की जानकारी दी और मामले में मदद मांगी। उनकी पूरी बात सुनने के बाद उनके दोस्त ने बताया कि वह डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो चुका है। इसके बाद दोनों ने मिल कर साइबर पुलिस को इसकी जानकारी दी। सायबर पुलिस ने तत्काल मामले की जानकारी लेकर संबंधित आरोपियों तक पहुंचने के लिए स्पेशल टीम बनाकर संदेहियों को पकड़ने जाल बिछाया।

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सीक्रेट रखने की दी जा रही थी धमकी

अपराधियों की धमकी और भय से रिटायर्ड कर्मी पूरे 24 घंटे तक डिजिटिल अरेस्ट में रहा। इस दौरान उन्हें इधर उधर जाना और मोबाइल बंद करने पर कई तरह का डर दिखाया गया। इस दौरान उनसे तरह तरह के प्रश्न पूछ गए। इस जांच को पूरी तरह सीक्रेट रखने की धमकी दी जा रही थी।

किसी तरह हिम्मत जुटा कर कर्मचारी ने आरोपियों से डिजिटल अरेस्ट से बाहर निकलने का रास्ता पूछा तब अपराधियों ने उन्हें रिहा करने के लिए पैसे की मांग की। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें बैंक अकाउंट नंबर दिया, जिसमें उसने पांच लाख रुपए नकद जमा किया।

पीड़ित व्यक्ति शासकीय रिटायर्ड कर्मचारी है…

Patrika Raksha Kavach Abhiyan: डीएसपी व सायबर प्रभारी बस्तर, गीतिका साहू ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति शासकीय रिटायर्ड कर्मचारी है। उन्हें डिजीटल अरेस्ट कर पांच लाख रूपए अपने बैंक खाते में जमा कराया गया है। पीड़ित के शिकायत पर उक्त बैंक खाते व साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। बहुत जल्द ही इस गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंच जायेंगे।