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CG Election 2023 : राजनीतिक पार्टियों को हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए चुकानी पड़ेगी इतनी कीमत, जानिए चुनावी खर्च

CG News : इस शुल्क की अदायगी के बाद ही हेलीकॉप्टर लैंड हो सकेगा और इसका खर्च चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।

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जगदलपुर. एक जगह से दूसरी जगह रैली करने के लिए जाने वाले स्टार प्रचारकों के प्लेन या हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए शुल्क लगेगा ही साथ ही एयरपोर्ट के अलावा दूसरे स्थानों पर हेलिपेड बनाने के लिए भी तीन अगल अलग वर्ग में खर्च चुकाना होगा। चुनाव आयोग ने लैंडिग शुल्क की रेट लिस्ट जारी की है। इस शुल्क की अदायगी के बाद ही हेलीकॉप्टर लैंड हो सकेगा और इसका खर्च चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।

रात में रुकने पर देना होगा अलग शुल्क

सभा चुनाव में नेताओं को जल्दी से जल्दी एक स्थान से दूसरे स्थान भेजने के लिए हवाई जहाज और हेलीकाप्टर का प्रयोग होता है। इसकी वजह से बड़े नेता एक दिन में ही कई-कई जिलों में सभाओं को संबोधित करते हैं। चुनाव आयोग ने इन नेताओं के हवाई जहाज पर भी शुल्क तय कर दिए हैं। इसके तहत उन्हें लैंडिंग से लेकर पार्किंग तक के शुल्क चुकाने होंगे। इसके साथ ही अगर रात में रुकना पड़ा तो उसका शुल्क अलग से लगेगा। हालांकि दंतेश्वरी एयरपोर्ट ने एयपोर्ट प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए इसके रकम की जानकारी देने से मना कर दिया, लेकिन यह जरूर कहा कि लैंडिंग से लेकर पार्किंग तक के अलग अलग विषयों पर तय रकम वसूली जाती है।

चुनावी खर्च में क्या-क्या होता है शामिल

निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनावों में प्रत्याशी के चुनावी खर्च पर सीमा तय कर रखी है। चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों के लिए 40 लाख रुपए की सीमा तय किया। चुनावी खर्च वह राशि है जो एक उम्मीदवार चुनाव अभियान के दौरान कानूनी रूप से खर्च करता है। इसमें सार्वजनिक बैठकों, रैलियों, विज्ञापनों, पोस्टर, बैनर, वाहनों और विज्ञापनों पर खर्च शामिल होता है। जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77 के तहत प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन की तिथि से लेकर परिणाम घोषित होने की तिथि तक किए गए सभी व्यय का अलग और सही खाता रखना होता है। चुनाव संपन्न होने के 30 दिनों में उम्मीदवारों को चुनाव आयोग के समक्ष अपना व्यय विवरण प्रस्तुत करना होता है। यदि उम्मीदवार ने गलत विवरण प्रस्तुत किया तो अधिनियम की धारा 10 के तहत चुनाव आयोग उसे तीन साल के लिए अयोग्य घोषित कर सकता है।

कैसे पालन किया जाए दिशा निर्देश

उम्मीदवारों को एक अलग खाता रखना होता है और कानून के तहत उसमें चुनाव खर्च को दर्ज करना होता है। खर्च की गलत जानकारी और तय खर्च सीमा से अधिक खर्च करना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10ए के तहत तीन साल तक के लिए अयोग्यता का कारण बन सकता है।

एयरपोर्ट के बाहर हेलीपेड बनाने में आने वाला खर्च

पहले से सीमेंट कांक्रीट निर्मित हेलीपेड निर्माण बैरिकेडिंग सहित - 17700

बैरिकेडिंग सहित कच्चा हेलीपेड का निर्माण का प्राक्कलन - 15000

बिना बैरिकेडिंग सहित कच्चा हेलीपेड निर्माण का प्राक्कलन - 15000


फूल रथ ने की मावली माता मंदिर की अंतिम परिक्रमा

फोटो - जेडीपी -3

जगदलपुर। बस्तर दशहरा के अवसर शनिवार को फूल रथ की परिक्रमा पूर्ण की गई। इस दौरान रथ खींचते वक्त बिजली के पोल से रथ टकराने की वजह से थोड़ी देर के लिए रथ का संचालन रोका गया। करीब 10 मीनट बाद बिजली बहाल होते ही रथ की परिक्रमा फिर से शुरु हुई। जिसके बाद फूल रथ को दंतेश्वरी मंदिर के समक्ष खड़ा किया गया। फूल रथ परिक्रमा के बाद अब विजय रथ की परिक्रमा 24 और 25 अक्टूबर को की जाएगी। जिसमें शामिल होने देवी-देवताओं के साथ बस्तर के ग्रामीण पहुंचेंगे।

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