28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Video: होते रहे धमाके, जलती रही पटाखों से भरी दुकान, इतना बारुद बीच बाजार रखने की इजाजत किसने दी?

जगदलपुर शहर के बीच गोल बाजार में पटाखों की दुकान में आग लग गई। जिससे तीन मंजिला इमारत जलकर खाक हो गई।

3 min read
Google source verification
Video: होते रहे धमाके, जलती रही पटाखों से भरी दुकान, इतना बारुद बीच बाजार रखने की इजाजत किसने दी?

Video: होते रहे धमाके, जलती रही पटाखों से भरी दुकान, इतना बारुद बीच बाजार रखने की इजाजत किसने दी?

जगदलपुर. शहर के गोल बाजार स्थित पटवा ट्रेडिंग में शुक्रवार शाम ७ बजे अचानक आग लग गई। दुकान पटाखों से भरी हुई थी। इस वजह से आग तेजी से फैली और पूरी दुकान उसकी जद में आ गई। नगर सेना के पास उपलब्ध प्रारंभिक संसाधनों से आग पर काबू नहीं पाया जा सका और वह बढ़ती चली गई। इस बीच दुकान से सटी ओम नावेल्टी में भी आग लग गई। दोनों ही दुकानें आधी रात तक पटाखों के धमाके के बीच जलती रही। रात भर एनएमडीसी, डीआरडीओ, एयरपोर्ट, नगर सेना और जिला पुलिस का दमकल अमला आग बुझाने में जुटा रहा। इस बीच रात ११ बजे बारिश भी हुई लेकिन इससे भी कोई खास मदद नही मिली। इस बीच शहरवासियों में यह चर्चा भी होती रही कि आखिर शहर के मुख्य बाजार में इतनी बड़ी मात्रा में बारुद स्टॉक करने की इजाजत किसने दी। जिला प्रशासन की तरफ से कलक्टर अय्याज तंबोली और पुलिस की तरफ से एसपी दीपक झा समेत पूरा अमला आग बुझाने की कवायद में जुटा रहा। इस बीच प्रशासन के आग बुझाने के प्रारंभिक उपायों को लेकर शहरवासियों के गुस्से का भी प्रशासन को शिकार होना पड़ा।

Read More: देखिए वीडियो: कैसे लोगों के घरों में भरा पानी, देखते ही देखते शहर के कई इलाके बन गए टापू

पूर्व पार्षद की दुकान में था पटाखे का स्टॉक
प टवा ट्रेडिंग भाजपा के पूर्व पार्षद कमल पटवा के भाई किशन पटवा की है। यह दुकान सालों से बीच बाजार चल रही है। दुकान से पटाखे का कारोबार भी पुराना है। साथ ही यहां फैंसी और गिफ्ट आयटम का भी भारी स्टॉक रहता है। आसपास के कारोबारियों का कहना है कि दुकानदार के पास पटाखे के व्यवसाय का लाइसेंस था। जबकि जब हमने जानकारों से बात की तो उनका कहना था कि पटाखे का विक्रय या भंडारण आबादी वाले इलाके में किया ही नहीं जा सकता। शहर में भी खुले में ही इसकी दुकान लगती है।

Read More: बस्तर में हुई इस मुसलाधार बारिश ने बरपाया कहर, मां बेटे सहित 3 की दर्दनाक मौत

डीआरडीओ व एनएमडीसी की गाड़ी नहीं आती तो पूरा बाजार खाक हो जाता
आ ग बुझाने के लिए बेहद कम प्रेशर वाले नगर सेना के फायर व्हीकल का उपयोग शुरुआत में किया गया। शहर के लोग बड़ी गाड़ी बुलाने की मांग करते रहे, क्योंकि आग तेजी से तीन मंजिला इमारत में फैल रही थी। साथ ही लगी हुई दुकान भी इसकी चपेट में आ चुकी थी। रात करीब ८.३० बजे डीआरडीओ का अमला पहुंचा। इसके पांच मिनट के भीतर ही एनएमडीसी नगरनार से भी दो गाडिय़ां आ गईं। इन गाडिय़ों के आने के बाद ही आग का रौद्र रुप शांत हुआ। करीब 30 फेरे 10 गाडिय़ों ने लगाए तब जाकर रात १ बजे आग काफी हद तक शांत हो पाई और आग फैलने की स्थिति नियंत्रित हो सकी। मौके पर हजारों की संख्या में जुट चुके शहरवासियों ने कहा कि अगर डीआरडीओ, एनएमडीसी की गाड़ी के साथ ट्रेंड फायर फाइटर नहीं पहुंचते तो पूरा बाजार खाक हो जाता।

बस्तर कलक्टर डॉ. अय्याज तंबोली से सीधी बात
सवाल: पूरी घटना फायर सेफ्टी का उल्लंघन मालूम हो रही है?
जवाब: जो भी हुआ है वह प्रशासन की जांच में सामने आ जाएगा।
सवाल: पटाखा स्टॉक करने वाले दुकानदार पर कार्रवाई होगी?
जवाब: जांच होने दें, सब आपको पता चल जाएगा।
सवाल: क्या कोई आग लगने की वजह से कोई जनहानि भी हुई है।
जवाब: जान की नहीं माल की हानि है। कुल कितना नुकसान हुआ है इसका आंकलन जांच में होगा।