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जगदलपुर. कोराना वायरस संक्रमण की वजह से जारी लॉकडाउन की वजह से ग्रामीण अपने घर पर ही ज्यादा समय गुजार रहे । वनोपज संग्रहण के लिए भी वे जंगल की ओर कम जा रहे हैं। इसकी वजह से जंगली जानवर बेखौफ होकर अपने रहवास में आवाजाही कर रहे हैं। ऐसे वन्य प्राणी शांत माहौल पाकर अपने शिकार के लिए जंगल में घुम रहे हैं। ऐसे वन्य प्राणी सूनसान माहौल में हमला भी करने से नहीं चूकेंगे।
कुछ दिनों पहले ही ओड़िशा से सटे तिरिया में एक भालू को ग्रामीणों ने देखा था, यह जंगल से होते हुए गांव के नजदीक तक पहुंच गया था। लोगों के शोरगुल के बाद भालू जंगल की ओर भाग गया। इसी तरह कुछ दिन पूर्व जंगली ***** ने घायल 4 ग्रामीणों को घायल किया था। यह इसलिए हो रहा है क्योंकि लाक डाउन के दौरान जन सामान्य के दैनिक कार्यप्रणाली में अंतर आया है। वन क्षेत्रों में मानव दबाव कम होने व माहौल शांत होने के कारण वन्यप्राणी वनों से खुले क्षेत्र में भी आने लगे हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
कोई भी व्यक्ति अकेले जंगल न जाए। महुआ बिनने या अन्य वनोपज के संग्रहण के लिए जंगल जाने की जरूरत पड़ती है तो दिन में ही जाए। शाम 5 बजे के बाद किसी भी स्थिति में जंगल में न रहें। बुजुर्ग व बच्चे घर पर ही रहें। छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
वन विभाग को करें सूचित
आपके क्षेत्र में यदि किसी भी प्रकार से कोई भी वन्यप्राणी का आवागमन होता है, या वन्यप्राणी का रहवास ह तो भी इसकी जानकारी वन विभाग को तत्काल दें। इसके अलावा पुलिस की 108 नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं।
वर्तमान परिस्थितियों को विशेष ध्यान रखते हुए जंगल में अकेले न जाएं। जिले में भालू, जंगली ***** और अन्य वन्य प्राणी पाए जाते हैं। वन्य प्राणी की सुरक्षा व स्वयं की सुरक्षा हेतु इन बातों का ध्यायन रखा जावे। जिससे कोई अप्रिय घटना घटित न हो।
वन मंडलाधिकारी, बस्तर
Published on:
15 Apr 2020 01:20 pm
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