5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लड़का पैदा करने के तरीके बताने वाली 1 हजार फर्जी वीडियो-वेबसाइट बैन, साइट्स को ब्लॉक कराने के निर्देश जारी

जयपुर में पीसीपीएनडीटी एक्ट पर कार्यशाला में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव मीरा श्रीवास्तव ने बताया कि बेटा पैदा करने के तरीके बताने वाली एक हजार वेबसाइट्स को प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने ऐसी वेबसाइट्स को चिन्हित कर ब्लॉक कराने और जागरुकता अभियान तेज करने पर जोर दिया।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Dec 25, 2025

PC-PNDT Act Workshop

आरएएस क्लब सभागार, जयपुर

जयपुर: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बेटा पैदा करने के तरीके बताने वाली एक हजार वेबसाइट्स को प्रतिबंधित कर दिया है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव (आरसीएच) मीरा श्रीवास्तव ने बुधवार को राजधानी जयपुर के आरएएस क्लब सभागार में पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन विषय पर कार्यशाला में दी।

उन्होंने कहा कि इन वेबसाइट पर बेबी ब्वॉय पैदा करने के लिए विभिन्न प्रकार के वीडियो या अन्य तरह के कंटेंट उपलब्ध थे। उन्होंने कहा कि राज्यों को ऐसी वेबसाइट्स को चिन्हित कर सहयोग पोर्टल के माध्यम से ब्लॉक करवाने की कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने "लड़का-लड़की बराबर है, तो पूछना क्यों" स्लोगन पर आधारित अभियान के साथ ही जागरुकता अभियान को और भी प्रभावी तरीके से किए जाने पर जोर दिया। संयुक्त सचिव ने कहा कि सोनोग्राफी मशीनों के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण के लिए एक टाइम फ्रेम तैयार किया जाना आवश्यक है।

समय के साथ आमजन में बेटी-बेटा एक समान की धारणा को बदलने के लिए और भी अपडेट होकर प्रयास किया जाना चाहिए। केंद्रीय उपायुक्त पीसीपीएनडीटी डॉक्टर पद्मिनी कश्यप ने कहा कि राजस्थान में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत किया जा रहे प्रयासों का परिणाम एसआरएस के आंकड़ों में देखने को मिल रहा है। एसआरएस वर्ष 2021-23 के आंकड़ों के अनुसार अभी राजस्थान में लिंगानुपात 921 है।