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राजस्थान में 17 प्रतिशत लोगों के पास आज भी मोबाइल-टेलीफोन नहीं

डिजिटलाइजेशन के दौर में राजस्थान में 17 प्रतिशत लोगों की मोबाइल या टेलीफोन से सीधी कनेक्टिविटी ही नहीं है। यह दायरा पिछले दो साल से बढ़ता जा रहा है।
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जयपुर

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Santosh Trivedi

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Updated: 19 Jun 2021, 11:53 AM IST

mobile

भवनेश गुप्ता.
जयपुर। डिजिटलाइजेशन के दौर में राजस्थान में 17 प्रतिशत लोगों की मोबाइल या टेलीफोन से सीधी कनेक्टिविटी ही नहीं है। यह दायरा पिछले दो साल से बढ़ता जा रहा है। जनवरी 2019 में टेलीटेंसिटी (प्रत्येक सौ लोगों में मोबाइल-टेलीफोन कनेक्शन संख्या) का प्रतिशत 88.77 था, जो घटकर अब 83.61 प्रतिशत पर आ गया है। यानि, हर सौ लोगों में 83 लोग ही मोबाइल-टेलीफोन सुविधा से जुड़े हैं।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की रिपोर्ट में यह स्थिति सामने आई है। विषय विशेषज्ञों ने इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए हैं। यहां जिस अनुपात में जनसंख्या बढ़ी है, उस लिहाज से कनेक्शनों की संख्या नहीं बढ़ सकी। दूसरी ओर एक उपभोक्ता के दो मोबाइल कनेक्शन (ड्यूल सिम) लेने की संख्या में भी कमी आई है। राज्य में अभी 6.58 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता हैं।

राष्ट्रीय टेलीटेंसिटी से 3.65 प्रतिशत कम...
देश में टेलीटेंसिटी की संख्या के अनुपात में राजस्थान में यह आंकड़ा 3.65 प्रतिशत कम हैं देश में टेलीटेंसिटी का प्रतिशत 87.26 प्रतिशत है।

इस तरह रहा टेलीटेंसिटी ग्राफ...
जनवरी 2019- 88.77 प्रतिशत
दिसम्बर 2019- 85.95 प्रतिशत
जनवरी 2020- 84.48 प्रतिशत
दिसम्बर 2020- 83.73 प्रतिशत
फरवरी 2021- 83.61 प्रतिशत

दूसरे राज्यों में हम कहां..
ट्राई 19 राज्यों की रिपोर्ट जारी करता रहा है। टेलीटेंसिटी में राजस्थान 13वें स्थान पर हैं यानि बारह राज्यों में जनसंख्या अनुपात में मोबाइल-टेलीफोन से जुड़े लोगों संख्या हमसे ज्यादा है।

देश में यह स्थिति...
दिल्ली — 277.27
हिमाचल प्रदेश — 151.67
केरल — 129.99
पंजाब — 124.28
महाराष्ट्र — 107.14
तमिलनाडू — 106.58
कर्नाटक — 104.87
आंध्रप्रदेश — 98.84
गुजरात — 98.16
हरियाणा — 94.54
जम्मू—कश्मीर — 88.39
पश्चिम बंगाल — 83.67
उत्तर—पूर्वी राज्य —80.49
ओडिशा — 77.71
असम — 70.11
मध्यप्रदेश — 67.82
उत्तरप्रदेश — 67.51
बिहार — 52.98
(आंकड़े प्रतिशत में है)

उधर, ये परेशानी आज भी कायम...
- नेटवर्क समस्या, कॉल ड्राप होने का सिलसिला बढ़ा।
- दावे के अनुसार डेटा स्पीड नहीं मिल रही। इसमें एक इलाके में संसाधन के अनुपात में ज्यादा उपभोक्ता होना भी एक कारण है।
- मोबाइल ऑपरेटरों का इन्फ्रास्ट्रक्चर बहुत ज्यादा अपग्रेड नहीं, लेकिन उपभोक्ता संख्या और डेटा उपयोग जरूर तेजी से बढ़ा है।