
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में भले ही मुख्यमंत्री पद को लेकर गहलोत- पायलट कैंप के बीच खींचतान और सियासी संग्राम चल रहा हो लेकिन सियासी संग्राम के बीच भी गहलोत सरकार नौकरशाही में सर्जरी करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि बीते एक माह में गहलोत सरकार ने 328 नौकरशाहों को इधर-उधर किया है, जिनमें आईएएस, आईपीएस और आरएएस अधिकारी शामिल हैं।
दिलचस्प बात तो यह है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थन में इस्तीफा देने वाले 92 विधायकों की भी नौकरशाहों की तबादला सूची में जमकर चली है, मंत्री विधायकों की मनमर्जी से ही नौकरशाहों के तबादले किए गए हैं। नौकरशाहों के तबादले ऐसे समय में भी हुए हैं जब सत्तारूढ़ कांग्रेस के दो दिग्गज मंत्रियों के बीच ही नौकरशाहों की एसीआर भरने को लेकर विवाद हो चुका है।
तबादलों के जरिए नौकरशाहों को भी संदेश
वहीं सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं की माने तो गहलोत- पायलट खेमे के बीच चल रहे सियासी संग्राम के चलते नौकरशाहों में भी सरकार के इकबाल को लेकर गलत संदेश जा रहा था। ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीते एक महीने में नौकरशाहों की जंबो तबादला सूची जारी करके नौकरशाहों को भी सख्त संदेश दे दिया है कि फिलहाल सत्ता के बॉस वही हैं।
वहीं चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार के 5 और अंतिम बजट से पहले नौकरशाहों को भी सख्त संदेश देना चाहते हैं कि सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं और बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।
5 अक्टूबर और 7 नवंबर को आरएएस अधिकारियों की जंबो तबादला सूची
इधर गहलोत सरकार की ओर से सियासी संग्राम के दौरान 5 अक्टूबर को आरएएस अधिकारियों की जंबो तबादला सूची जारी की गई थी जिसमें 201 आरएएस अधिकारियों को इधर-उधर किया गया था तो उसके बाद 7 नवंबर को 75 आरएएस अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। इस तरह कुल मिलाकर 277 आरएएस अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है।
इसी तरह से 20 अक्टूबर को 13 आईएएस और 28 अक्टूबर को 30 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए थे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात रवाना होने से पहले 28 अक्टूबर को 30 आईएएस अफसरों की तबादला सूची को मंजूरी दी थी। वही 20 अक्टूबर को 2 आईपीएस और 22 अक्टूबर को 4 आईपीएस अफसर बदले गए थे। इस तरह से बीते 1 महीने में नौकरशाहों की जारी हुई तबादला सूची के जरिए 328 नौकरशाहों को इधर-उधर किया गया है।
सत्तारूढ़ मंत्री-विधायकों का रखा ख्याल
वहीं आईएएस, आईपीएस और आरएएस अधिकारियों की तबादला सूची में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने विधायकों और मंत्रियों की इच्छा का भी पूरा ख्याल रखा है। मंत्री-विधायकों की डिजाइर पर ही बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। कांग्रेस के सियासी गलियारों में भी चर्चा है कि सत्तारूढ़ खेमे के विधायकों की नाराजगी नहीं बढ़े इसलिए उनकी मर्जी मनमर्जी के मुताबिक ही गहलोत सरकार की ओर से तबादले किए गए।
वीडियो देखेंः- एक महीने में दूसरी बार 75 RAS Officers के Transfer
Published on:
08 Nov 2022 12:15 pm
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