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राजस्थान विधानसभा चुनाव- ​​​​​48 प्रतिशत उम्मीदवार कर्जदार, सबसे अमीर विधायक कामिनी जिंदल

चुनाव जीतकर उम्मीदवार जनता का कर्ज कितना उतार पाएंगे यह तो वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल 48 प्रतिशत यानि 1058 उम्मीदवारों ने अपने आप को कर्जदार बताया है।
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जयपुर

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Santosh Trivedi

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Updated: 5 Dec 2018, 10:14 AM IST

kamani jindal

जयपुर। चुनाव जीतकर उम्मीदवार जनता का कर्ज कितना उतार पाएंगे यह तो वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल 48 प्रतिशत यानि 1058 उम्मीदवारों ने अपने आप को कर्जदार बताया है। उम्मीदवारों के शपथ पत्रों के विश्लेषण में कई रोचक जानकारियां सामने आई हैं, जिनके अनुसार 9 उम्मीदवारों के पास कोई सम्पत्ति नहीं है फिर भी उम्मीदवारों की औसत सम्पत्ति 2.12 करोड़ रुपए है।

सबसे अधिक 287 करोड़ रुपए की सम्पत्ति जमींदारा पार्टी की विधायक कामिनी जिंदल के पास है, वहीं जमींदारी पार्टी से कांग्रेस में आई विधायक सोना देवी की सम्पत्ति में पांच साल में 11010 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। हालांकि सोना देवी की सम्पत्ति 67 लाख रुपए ही बढ़ी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित उनके मंत्रिमंडल में शामिल किसी बड़े मंत्री की सम्पत्ति में पांच साल में खास बढ़ोतरी नहीं हुई है।

एडीआर और राजस्थान इलेक्शन वाच की ओर से मंगलवार को जयपुर में विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों को लेकर तीन अलग—अलग रिपोर्ट जारी की। एक में सभी का पूर्ण विश्लेषण है, तो दूसरी में उन उम्मीदवारों की सम्पत्ति का खुलासा किया है जो वर्तमान में विधायक हैं। इसके अलावा सेम्पल सर्वे के आधार पर मतदाताओं की प्राथमिकता और उनके वोट पर प्रभाव को लेकर भी रिपोर्ट तैयार की है।

बाजोर और मंडेलिया पर सर्वाधिक देनदारी
रिपोर्ट के अनुसार 1058 उम्मीदवारों ने स्वयं को कर्जदार बताया है, जो कि कुल उम्मीदवारों का 48 हैं। सबसे अधिक कर्जदार भाजपा के प्रेमसिंह बाजोर हैं, जिन पर 80 करोड़ रुपए की देनदारी है और वे धनपतियों में भी तीसरे नम्बर हैं। सबसे अधिक देनदारी वाले उम्मीदवारों में दूसरे नम्बर पर कांग्रेस के रफीक मंडेलिया और तीसरे नम्बर पर भाजपा के गोपाल लाल शर्मा हैं।

5 साल में 37 प्रतिशत बढ़ी सम्पत्ति
एडीआर व राजस्थान इलेक्शन वॉच के विश्लेषण के अनुसार 143 विधायक फिर से चुनाव मैदान में हैं, लेकिन छह के शपथ पत्र स्पष्ट नहीं होने से उनका विश्लेषण नहीं हो पाया। इन पुन: चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों की औसत सम्पत्ति में 5 साल में 37 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।

यह भी सामने आया
वसुंधरा राजे की सम्पत्ति बढ़ी
भंवरलाल शर्मा की सम्पत्ति बढ़ी

143 विधायक फिर चुनाव मैदान में
विश्लेषण के अनुसार 143 विधायक फिर से चुनाव मैदान में हैं, लेकिन छह के शपथ पत्र स्पष्ट नहीं होने से उनका विश्लेषण नहीं हो पाया। इन पुन: चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों की औसत सम्पत्ति में 5 साल में 37 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है, जिससे औसत सम्पत्ति 7.24 करोड़ से बढ़कर 9.93 करोड़ रुपए हो गई है।

इनकी सम्पत्ति कम हुई
मंत्री रामप्रताप, राजकुमार रिणवा, बंशीधर बाजिया, संसदीय सचिव रहे भैराराम, पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी व डॉ. राजकुमार शर्मा, कांग्रेस नेता विश्वेन्द्र सिंह सहित 17 विधायकों की सम्पत्ति में कमी आई है।

161 प्रत्याशी सिर्फ साक्षर
भाजपा के शासनकाल में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों का चुनाव लडऩे वालों को भले ही पांचवी—आठवीं पढ़े लिखे होना जरूरी कर दिया, लेकिन विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से 161 ने स्वयं को सिर्फ साक्षर बताया और 12 ने तो स्वयं को अनपढ़ बताया है।


47 प्रतिशत: कक्षा 5 से 12 तक पढ़े
43 प्रतिशत: स्नातक या ज्यादा पढ़े
39 प्रतिशत 25 से 40 आयु वाले
47 प्रतिशत 41 से 60 आयु वाले
15 प्रतिशत 61 से 80 आयु वाले
182 महिला उम्मीदवार इस
बार, पिछली बार महिला
उम्मीदवार 152 थीं।

इनकी सम्पत्ति 100 प्रतिशत से अधिक बढ़ी
सोना देवी
ललित मीणा
कैलाश चंद वर्मा
प्रहलाद गुंजल
प्रताप लाल भील
अमृत लाल मीणा
दर्शन सिंह
अशोक गहलोत
सुशील कंवर
सुखराम विश्नोई
अंजूदेवी धानका
कमसा
गोरधन
नारायण सिंह देवल
ओमप्रकाश हुड़ला
राव राजेन्द्र सिंह
वि_ल शंकर अवस्थी
अनिता भदेल
रामलाल शर्मा
कालूलाल गुर्जर
सुरेश सिंह रावत
अर्जुन लाल जीनगर