
Rajasthan refinery: राजस्थान रिफाइनरी का 55 फीसदी काम पूरा, बदलेगा प्रदेश का इकोनोमिक सिनेरियों
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी का एक हजार मैट्रिक टन वजनी सबसे भारी और महत्वपूर्ण एकल उपकरण स्थापित कर दिया गया है, वहीं रिफाइनरी की लगभग सभी परियोजना फेसिलिटेशन गतिविधियों में तेजी लाते हुए कार्य में तेजी आई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि रिफाइनरी का भौतिक प्रगति के रुप में 55.10 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका हैं, वहीं अब तक 63 हजार 318 करोड़ रुपए के क्रयादेश जारी किए जा चुके है। राजस्थान रिफाइनरी पर 15 अक्टूबर तक 22,040 करोड़ रुपए का निवेश किया जा चुका हैं। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के साथ ही इस रिफाइनरी के आरंभ होने से राजस्थान का इकोनोमिक सिनेरियों ही बदल जाएगा। क्योंकि, रिफाइनरी के साथ ही पेट्रोकॉम्प्लेक्स विकसित हो रहा है जहां सहउत्पादों की इकाइयां स्थापित हो सकेगी और इससे निवेश व रोजगार के अतिरिक्त नए अवसर विकसित होंगे।
दस महीनों में 558 किलोमीटर की दूरी की तय
रिफाइनरी परिसर में एक हजार मैट्रिक टन के एकल उपकरण को पहुंचाया जाना चुनौती भरा कार्य होने के बावजूद दस महीनों की 558 किलोमीटर की दूरी तय करके इस उपकरण को रिफाइनरी तक पहुंचाने के साथ ही सफलता पूर्वक स्थापित भी करना बड़ी उपलब्धी है। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी की सभी 13 मैकेनिकल इकाइयों का कार्य रोडमेप के अनुसार चल रहा है। रिफाइनरी क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं यथा अस्पताल, स्कूल, रोड, प्लांटेशन व इसी तरह के अन्य कार्य भी प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी के चेयरमैन पुष्प जोशी ने बताया कि रिफाइनरी का कार्य ने गति पकड़ ली है और सभी प्रमुख प्रोसेस इकाइयों और पैकेजेज के लिए 38 एलएसटीके आदेश जारी किए जा चुके हैं। सभी 13 प्रोसेस इकाइयों का काम में तेजी से लोने के साथ ही गुणवत्ता पर बल दिया गया है।
Published on:
01 Nov 2022 12:35 pm
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