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पेपरलीक मामले में हाईकोर्ट की सख्ती, छठी बार खारिज की कांस्टेबल भर्ती 2018 के आरोपी की जमानत

2018 Constable Recruitment Case: कोर्ट ने 2018 की कांस्टेबल भर्ती मामले में गिरफ्तार कमल कुमार वर्मा की ओर से जमानत याचिका फिर खारिज कर दी। न्यायाधीश प्रमिल कुमार माथुर ने यह आदेश दिया। जमानत के लिए यह याचिका छठवीं बार दायर की गई।

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Court ORder

फाइल फोटो: पत्रिका

High-court On Paper Leak Case: हाईकोर्ट ने पेपरलीक मामले में सख्ती दिखाते हुए जमानत से फिर इनकार कर दिया। कोर्ट ने 2018 की कांस्टेबल भर्ती मामले में गिरफ्तार कमल कुमार वर्मा की ओर से जमानत याचिका फिर खारिज कर दी। न्यायाधीश प्रमिल कुमार माथुर ने यह आदेश दिया। जमानत के लिए यह याचिका छठवीं बार दायर की गई।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हेमंत विजय ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता परीक्षा केंद्र पर वीक्षक के तौर पर तैनात था। इस मामले में अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जबकि याचिकाकर्ता मई 2022 से जेल में है। उसे फंसाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें कहा कि जिनकी एक तिहाई सजा पूरी हो चुकी हैं उनकी जमानत मंजूर की जानी चाहिए। उधर, सरकार की ओर से अधिवक्ता जयप्रकाश तिवाड़ी ने कहा कि इस मामले में 46 में से 32 गवाहों का परीक्षण हो चुका है। जमानत के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी राहत नहीं दी।

कोर्ट ने कहा कि मामला संगठित अपराध से जुड़ा है, सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता की लिप्तता साबित हो रही है। केवल जेल में लंबे समय से होने के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।

इन भर्तियों को लेकर भी चल रही जांच

  • एसआइ भर्ती-2021
  • वरिष्ठ अध्यापक भर्ती
  • पीटीआइ भर्ती
  • रीट

पिछले फर्जीवाड़े

  • पेपरलीक
  • सामूहिक नकल
  • अभ्यर्थियों की चलती बस में कराई तैयारी
  • ओएमआर शीट में हेरफेर
  • फर्जी डिग्री से नौकरी
  • फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र

4 माह से आइएएस बनने का सपना देख रहे अफसर

राज्य में अन्य सेवाओं से आइएएस बनने का सपना देख रहे अफसर उलझन में फंस कर रह गए हैं। करीब चार माह पहले विभिन्न विभागों के बीस अफसरों का आइएएस बनने के लिए पिछले साल 22 और 23 दिसंबर को दिल्ली में इंटरव्यू हुआ था, लेकिन आज तक सरकार यह फैसला नहीं कर पाई है कि किस-किस को आइएएस बनाना है।

सूत्रों के अनुसार चार नामों का चयन करने के लिए मुख्य सचिव को यूपीएससी रिमाइंडर भी भेज चुका है। इसे भी करीब दो माह होने को आ रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार के स्तर पर कोई हलचल अभी तक नहीं हो पाई है।

जानकारी के अनुसार यूपीएससी ने इंटरव्यू के बाद चार अफसरों का चयन कर लिया था। इन नामों पर अंतिम मुहर के लिए राज्य सरकार को 26 दिसंबर, 2025 को ही पत्र भेज दिया था। आम तौर पर राज्य सरकार ऐसे मामलों में तुरंत ही अपनी मंजूरी दे देती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है।....

ये मुख्य कारण

दिसंबर में जिन अफसरों के इंटरव्यू हुए थे। उनमें केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के दामाद अजय कुमार आर्य भी शामिल हैं। तीन-चार अन्य नामों पर राजनेताओं और संघ का भी दबाव है। इस चक्कर में अभी तक अंतिम फैसला नहीं हो सका है।....

इन अफसरों को चुना गया था इंटरव्यू के लिए

बीस अफसरों में अजय कुमार आर्य, बलविन्दर सिंह, धर्मेन्द्र कुमार, कार्तिकेय मिश्रा, केसर सिंह, मनीष माथुर, मंजू विजय, मुरार सिंह जाड़ावत, नर्बदा इंदोरिया, निधि सिंह, प्रीतपाल सिंह कालरा, राजेश कुमार व्यास, रणजीत सिंह चुंडावत, रश्मि गुप्ता, श्याम सुंदर ज्याणी, सुभाष चंद वर्मा, सुमन मालीवाल, सुरेश कुमार वर्मा, विनेश सिंघवी और विवेक चौहान के नाम शामिल थे।