
happy rajasthan diwas
Rajasthan diwas 2024: आज राजस्थान का जन्मदिन है। जन्मदिन के मौके पर राजस्थान में कई आयोजन हो रहे हैं निजी और सरकारी स्तर पर। सरकारी स्तर की बात करें तो आज राजस्थान में पुरातन किले, स्मारक और अन्य स्थलों पर फ्री में भ्रमण कर सकेंगे। क्षेत्रफल पर नजर डालें तो राजस्थान.... क्षेत्रफल की नजर से भारत में पहले नंबर का राज्य है। अब आबादी के हिसाब से भी राजस्थान तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन परेशानी वाली बात ये है कि आबादी के हिसाब से रोजगार और अन्य संसाधन नहीं बढ़ रहे हैं।
1951 में महज डेढ़ करोड़ थे हम और अब आठ करोड़ से भी ज्यादा..... 400 प्रतिशत से ज्यादा बढ़े
वैसे तो देश में आखिरी बार जनगणना साल 2011 में हुई थी और अब जल्द ही फिर से जनगणना कराने की तैयारी की जा रही है। लेकिन इस बीच राजस्थान की जनसंख्या की बात करें तो हाल ही में कोरोना के चलते सरकार ने वेस्सीनेशन के लिए राजस्थान की जनता की गणना की थी। यह गणना करीब आठ करोड़ दस लाख से भी ज्यादा निकली। इसी गणना के अनुसार वेक्सीनेशन शुरू किए गए थे। वर्तमान की बात करें तो यह संख्या और भी बढ़ गई है। 74 साल में राजस्थान की जनसंख्या 425 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ गई है। इस अनुपात में रोजगार नहीं बढ़ रहे हैं।
दरअसल राजस्थान का गठन 30 मार्च 1949 को हुआ था। उस समय बीस से ज्यादा रियासतों को मिलाकर राजस्थान का गठन किया गया था। साल 1951 में जनगणना हुई थी, इस दौरान राजस्थान की कुल जनसंख्या एक करोड़, 52 लाख, 9 हजार 797 रही थी। इसमें जयपुर की जनसंख्या करीब सोलह लाख थी। सात दशकों में आबादी तेजी से बढ़ी है। यही कारण है कि जयपुर की जनसंख्या ही करीब अस्सी लाख तक पहुंच गई है। इसके अलावा 45 साल या इससे अधिक उम्र के लोगों की आबादी का कुल प्रतिशत करीब 19 फीसदी है। जबकि दस साल तक के बच्चों की बाबादी का प्रतिशत करीब 22 है। वहीं 15 से 29 साल तक के युवाओं और व्यस्कों की आबादी का कुल प्रतिशत करीब 27 फीसदी है।
बेरोजगारी के मामले में हम देश में दूसरे नंबर पर....
पिछले साल फरवरी में आई एक रिपोर्ट के अनुसार देश भर के तमाम राज्यों में बेरोजगारों की संख्या में इजाफा हुआ है । राजस्थान और हरियाणा के हालात सबसे ज्यादा खराब हैं देश में। हरियाणा में बेरोजगारों की संख्या 29.4 फीसदी रही, जबकि राजस्थान में यह संख्या 28.3 फीसदी रही है। छत्तीसगढ़ और एमपी सबसे मजबूत स्थिति में हैं, यानी ये दोनों स्टेट इस टेबल में सबसे नीचे हैं। छत्तीसगढ़ में यह दर मात्र .8 फीसदी है और एम पी में यह दर 2.2 फीसदी रही है। राजस्थान में सरकारें रोजगार के सपने को पूरा नहीं कर पा रही हैं। फिर चाहे निजी स्तर पर हों या फिर सरकारी स्तर पर.... दोनो स्तर पर बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है।
Published on:
30 Mar 2024 11:22 am
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