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नहीं थम रहा राजधानी में जीका का कहर, जयपुर में सामने आए आठ और संदिग्ध मरीज

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जयपुर

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Nidhi Mishra

Oct 02, 2018

zika

8 patients suspected of zika virus in Jaipur

जयपुर। राजधानी जयपुर में जीका वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते पन्द्रह दिन में ही राजधानी में जीका वायरस के दो मामले सामने आ चुके हैं। वहीं क्षेत्र में सर्वे के दौरान 8 और जीका वायरस संदिग्ध मरीज सामने आने पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। इन संदिग्ध मरीजों के सैंपल पुणे की लैब में जांच के लिए भेजे हैं। वहीं क्षेत्र में बुखार से पीड़ित लोगों के समाने आने का सिलसिला लगातार जारी है और अभी तक 350 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित मिल चुके हैं। हालांकि विभाग जीका वायरस के संदिग्ध मरीजों पर ही ज्यादा फोकस कर रहा है।


स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दो सप्ताह पहले जीका वायरस से पीड़ित 85 वर्षीय महिला की पहचान हुई थी। इसके बाद विभाग ने क्षेत्र में घर घर सर्वे किया। सर्वे में आठ मरीज विभाग को जीका वायरस के संदिग्ध मिले हैं। इन मरीजों में लक्षण जीका वायरस से मिलते जुलते हैं और जांच के लिए इनके सैंपल विभाग ने पुणे की लैब में भेजे हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध मरीजों सेहत पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।


वहीं शास्त्री नगर क्षेत्र में विभाग ने अभी तक 10 हजार घरों का सर्वे किया हैं । सर्वे में 350 से ज्यादा बुखार से पीडित लोग मिले हैं। वहीं क्षेत्र में मच्छरों की संख्या भी बहुतायत मिली है। जीका वायरस भी डेंगू के मच्छर के काटने से ही शरीर में प्रवेश करता है। हालांकि विभाग के अधिकारी जीका वायरस के बढते खतरे को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं और वे इस संबध में कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं।

डॉक्टर्स को सरकार ने दी राहत
अचल संपत्ति विवरण ऑनलाइन नहीं करने के कारण पदोन्नति व अन्य लाभों से वंचित डॉक्टरों को सरकार ने राहत दे दी है। सरकार ने अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ की मांग पर अचल सम्पत्ति विवरण ऑनलाइन करने के लिए खोल दिया। इसका लाभ चिकित्सकों के साथ बहुत से राजपत्रित अधिकारियों को मिलेगा।

संघ की गुरुवार को चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वार्ता हुई। इसमें विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव भी मौजूद थीं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि पोर्टल को 31 अक्टूबर 2018 तक खोला गया है। आन्दोलन के दौरान जिन चिकित्सकों को 17 सीसी के नोटिस जारी हुए थे, उन सभी की 17 सीसी कार्यवाही वापस लेने के आदेश संघ को सौंप दिए गए। वार्ता में संघ के संयोजक डॉ. जगदीश मोदी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।