
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय की स्पेशल टीम ने गुरुवार को खो नागोरियान थाना की पालड़ी मीणा चौकी पर कार्यरत बिचौलिए कांस्टेबल रमन सिंह को 11000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इससे पहले एसीबी की कार्रवाई की भनक लगने पर आरोपित भाग छूटा, जिसका टीम ने आधा किमी तक पीछा कर पकड़ा। इस दौरान आरोपित ने एसीबी टीम से हाथापाई भी की। जिसमें टीम के एक सदस्य को चोट भी आई। बताया जाता है कि यह रिश्वत उसने चौकी प्रभारी टाटा प्रकाश के इशारे पर ली थी।
एसीबी के एडिशनल एसपी पृथ्वीराज मीणा ने बताया खो नागोरियान थाने में दर्ज बाइक चोरी मामले में पालड़ी मीणा चौकी प्रभारी टाटा प्रकाश ने राजेश नामक युवक को गिरफ्तार किया था। साथ ही दोस्त दिनेश को भी नामजद किया था। दिनेश का नाम हटाने की एवज में उसने राजेश के भाई भुवनेश (कठूमर, अलवर) से 40 हजार रुपए मांगे। इस पर भुवनेश ने इसकी शिकायत एसीबी में की। एसीबी के सत्यापन के दौरान टाटा प्रकाश ने भुवनेश को रकम चौकी के कांस्टेबल रमन सिंह को देने को कहा। 23 अप्रेल को भुवनेश चौकी पहुंचा व 24 हजार रु. रमन सिंह को दिए।
दूसरी किश्त गुरुवार को देना तय हुआ। भुवनेश सुबह चौकी पहुंचा, जहां उसने रमन सिंह से रकम कम करने को कहा, तो मामला 11 हजार रु. देने पर तय हुआ। परिवादी ने जैसे ही रमन सिंह को 11 हजार रु. दिए, एसीबी टीम ने रमन सिंह को घेर लिया। यह देख रमन सिंह वहां से भाग छूटा। एसीबी ने करीब आधा किमी पीछा करने के बाद उसे धर-दबोचा। धक्का-मुक्की के दौरान एसीबी टीम का एक सदस्य गिर गया और उसे चोट भी आई। एएसपी मीणा ने बताया कि मामले की तफ्तीश हैड कांस्टेबल टाटा प्रकाश के जिम्मे थी, लेकिन रमन सिंह मामले में दलाली कर रहा था। वहीं, टाटा प्रकाश को ड्यूटी पर आने के बाद गिरफ्तार किया जाएगा।
Published on:
03 May 2018 09:03 pm
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