
लाखों के गबन मामले में एसीबी ने दो को किया गिरफ्तार
जयपुर
हजारों लाखों रुपए रिश्वत में लेने वाले अफसरों को आज कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड ली जाएगी। रिमांड पर पूछताछ कर उनके बैंक खातों की जांच की जानी है। गुरुवार को एसीबी ने जयपुर और कोटा सरकारी कार्मिकों और उनके लिए रिश्वत लेने वाले दलालों को धरा था। कुछ पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अब इनसे लंबी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि एसीबी तीनों केसेज में दो से पांच दिन का रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है।
जयपुर से फरार हैड कांस्टेबल की तलाश में छापे, नहीं मिला
एसीबी की टीम के आने से पहले एक बार फिर पुलिसकर्मी फरार हो गया। जयपुर शहर में दो साल में इस तरह के पांच मामले सामने आ चुके हैं जब एसीबी टीम के आने से पहले ही पुलिसकर्मी फरार हो जाएं। जयपुर के सांगानेर थाने में तैनात हैड कांस्टेबल तेजाराक की तलाश में एसीबी ने उसके घर और नजदीकी रिश्तेदारों के यहां छापे मारे हैं। आज सवेरे तक भी तेजाराम के बारे में एसीबी जानकारी नहीं जुटा सकी। उसके पास जो दो मोबाइल नंबर हैं वे भी बंद हैं। इस कारण उसकी लोकेशन भी ट्रेस नहीं की जा सकी है। उधर गिरफ्तार दलाल हनुमान के बारे में जानकारी मिली है कि वह थाने के कई पुलिसकर्मियों के मुंह लगा हुआ था। एसीबी इसकी भी जांच कर रही है कि दलाल हनुमान की मदद से और कितने पुलिसकर्मियों ने किन केसेज में रिश्तव ली है।
उधर करोड़पति निकला प्रोजेक्ट डायरेक्टर
सड़क निर्माण कार्य में धांधली करने वाले प्रोजेक्टर डायरेक्टर और दलाल के घर की तलाशी ली गई है। एसीबी की गिरफ्त में आए प्रोजेक्टर डायरेक्टर लक्ष्मण सिंह और रिश्तव देने वाले ठेकेदार राजेध वाधवा को आज कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। एसीबी अफसरों ने बताया कि डायरेक्टर लक्ष्मण सिंह का मोबाइल फोन जब्त किया गया है। उम्मीद है उससे और भी राज खुल सकेंगे। परिवार के लोगों से भी पूछताछ करने की तैयारी है। एसीबी ने लक्ष्मणसिंह के पास से कई प्लॉट, खेती की जमीन के कागज और सोना चांदी बरामद किया है। एसीबी ने लक्ष्मणसिंह और ठेकेदार राजेश के बीच रुपयाें का आदान प्रदान करने और अन्य मामलों में साथ देने के आरोप में पर्यवेक्षक अधिकारी नरेन्द्रमाेहन शर्मा काे जयपुर से और रिववत राशि प्रदान करने का आश्वासन देने वाले ठेकेदार रामसिंह सहारन काे बीकानेर से निरुद्व किया गया है।
बैड के नीचे छुपा था रिश्वतखोर, वहां से निकाला तो रोने लगा
उधर कोटा में पीएम आवास योजना में किस्त जारी करने की एवज में दलाल होमगार्ड शिवराज की मदद से रिश्वत लेने के आरोपी तकनीकी कंसल्टेंट सत्यनारायण मीणा को पुलिस ने अपने एक रिश्तेदार के घर से बैड के नीचे छुपे हुए दबोचा हैं। वह शहर छोड़कर जाने की फिराक मे था। जैसे ही उसे दबोच गया वह रोने लगा और अफसरों के हाथ जोडने लगा लेकिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बारे में सूचना मिली है कि उसने दलाल शिवराज की मदद से और भी कई लोगों को राशि देने के बदले में रिश्वत मांगी थी। उनके बारे में भी एसीबी जानकारी जुटा रही है। सत्यरायण ने एक लाख पचास हजार रुपए रिलीज करने की एवज में पीडित विमल से चालीस हजार रुपए मांगे थे।
Published on:
12 Jun 2020 11:46 am
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