3 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अब ‘हाईटेक’ तरीके से हो रहा अंतिम संस्कार, सिर्फ ढाई घंटे बाद ही मिल जाती हैं अस्थियां

Rajasthan News : राजधानी में अंतिम संस्कार आधुनिक तकनीक से किया जा रहा है। यहां आदर्श नगर मुक्तिधाम में गैस से दाह संस्कार हो रहा है।
2 min read
Google source verification
muktidham_adarsh_nagar.jpg

आदर्श नगर मुक्तिधाम में लगी है गैस भट्टियां

Jaipur News : राजधानी में अंतिम संस्कार आधुनिक तकनीक से किया जा रहा है। यहां आदर्श नगर मुक्तिधाम में गैस से दाह संस्कार हो रहा है। इसके लिए दो गैस भट्टियां लगी हुई है। इनमें दो से ढाई घंटे में दाह संस्कार हो रहा है। इसके ढाई घंटे बाद परिजनों को अस्थियां भी मिल जाती है। पेड़ बचाओ व पर्यावरण बचाओ की मुहिम के तहत गैस से दाह संस्कार व्यवस्था शुरू की गई।


आदर्श सहयोग समिति की ओर से मुक्तिधाम में दाह संस्कार के लिए दो एलपीजी गैस भट्टी लगवाई गई। बड़े आकार की इन भट्टियों में 20-20 सिलेंडरों की दो यूनिट लगी है। वहीं एक बड़ी चिमनी लगी हुई है। पहली गैस भट्टी साल 2017 में लगवाई गई, जबकि दूसरी गैस भट्टी साल 2019 में लगवाई गई। इन गैस भट्टियों में सर्व हिंदू समाज के मृतकों का दाह संस्कार होता है। दाह संस्कार के दौरान अगर बिजली चली जाए तो उसके लिए यहां जनरेटर की व्यवस्था भी है।

यह भी पढ़ें : देश के पर्यटन नक्शे में जुड़ेगा विधानसभा का डिजिटल म्यूजियम: देवनानी


आदर्श सहयोग समिति के सचिव सुनील मल्होत्रा ने बताया कि मृतक के शव को भट्टी में रखा जाता है। इसके बाद भट्टी को चालू कर दिया जाता है। दो से ढाई घंटे में दाह संस्कार हो जाता है। भट्टी बंद करने के ढाई घंटे बाद परिजनों को अस्थियां दे दी जाती है। मल्होत्रा बताते हैं कि गैस भट्टी में दाह संस्कार में लकड़ियों की तुलना में खर्चा भी कम आता है। इससे पेड़ बचाने के साथ पर्यावरण भी प्रदूषित नहीं होता है। समिति के कोषाध्यक्ष गिरीश छाबड़ा ने बताया एक गैस भट्टी राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम ने दान की हैं। वहीं दूसरी गैस भट्टी दानदाताओं के सहयोग से लगवाई गई है। हमारा उद्देश्य पर्यावरण बचाओ और पेड़ बचाओ की मुहिम को आगे बढ़ाना है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग