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SOG Action: 12 आरोपियों के बाद मास्टरमाइंड गिरफ्तार, BSTC परीक्षा में डमी अभ्यर्थी से दिलाया था एग्जाम

Dummy Candidate In BSTC Exam 2019-20: आरोपी पर मूल अभ्यर्थियों के स्थान पर डमी अभ्यर्थियों को बैठाकर परीक्षा दिलाने वाले संगठित गिरोह का संचालन करने का आरोप है।

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Shambhulal BSTS Fraud

आरोपी शंभूलाल की फोटो: पत्रिका

Mastermind Shambhulal Arrested: बीएसटीसी (प्रारंभिक डी.एल.एड.) परीक्षा 2019 और 2020 में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। एसओजी की इस कार्रवाई के बाद परीक्षा में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं और गिरोह के नेटवर्क की जांच जारी है।

गिरोह का सरगना गिरफ्तार


एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि उदयपुर जिले के फलासिया निवासी शंभूलाल वडेरा को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर आरोप है कि वह संगठित गिरोह बनाकर बीएसटीसी परीक्षा में मूल अभ्यर्थियों की जगह डमी अभ्यर्थियों को बैठाकर परीक्षा दिलवाता था। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 13 अप्रेल तक एसओजी की रिमांड पर सौंप दिया गया है। फिलहाल उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच


अधिकारियों के अनुसार बीकानेर स्थित पंजीयक शिक्षा विभागीय परीक्षाओं को बीएसटीसी परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज किया गया और एसओजी ने विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए, जिससे बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी


जांच की कड़ी में 4 फरवरी 2021 को पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र से आरोपी अशोक सारण को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से डमी अभ्यर्थियों के माध्यम से परीक्षा दिलाने से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर एसओजी ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी।

एफएसएल जांच में फर्जीवाड़ा साबित


अनुसंधान में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास करने के लिए पैसे देकर अपने स्थान पर अन्य व्यक्तियों को परीक्षा में बैठाया। मामले की पुष्टि के लिए शिक्षा विभाग से मूल दस्तावेज मंगवाकर हस्ताक्षर और लिखावट की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से कराई गई। एफएसएल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि परीक्षा में उपस्थित अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर मूल अभ्यर्थियों से मेल नहीं खाते।

अब तक 12 लोग गिरफ्तार


एसओजी के अनुसार इस मामले में अब तक उदयपुर ग्रामीण क्षेत्र से 12 अभ्यर्थियों और आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ में और भी नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल एसओजी गिरोह के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

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