
नया स्टार्टअप करने में नई पीढ़ी आगे ( प्रतीकात्मक तस्वीर- एआई)
जयपुर। अक्सर हम जनरेशन एक्स, मिलेनियस, अल्फा और बीटा के बारे में चर्चा करते रहते हैं। इसके साथ ही किस जनरेशन के लोगों ने कौन सा दौर देखा और उनके समय में क्या परिवर्तन हुए। इसी तरह से जयपुर के भीतर जनरेश जेड वालों में स्टार्टअप का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक ये चीजें दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में देखने को मिलती थी, लेकिन यह ट्रेंड अब जयपुर में भी आ गया है।
दरअसल, देखने में आया है कि जेनरेशन जेड के युवा छोटे लोन लेकर स्टार्टअप के जरिए बड़े सपने संजोने में लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 60 प्रतिशत से अधिक युवा ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं। आज की युवा पीढ़ी डिजिटली सक्रिय होने के साथ ही डिजिटल कर्ज लेने में भी सबसे आगे है।
रिपोर्ट के अनुसार, 22 साल की उम्र में जनरेशन 'जेड' के युवा छोटे-छोटे डिजिटल क्रेडिट लोन लेकर अपनी वित्तीय जरूरतें पूरी कर रहे हैं। इसके साथ ही स्टार्टअप और छोटे व्यवसाय शुरू करके अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। यह ट्रेंड दिल्ली, मुंबई के बाद जयपुर में भी अब तेजी से उभर रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि, जनरेशन जेड (1997-2012 के बीच जन्मे) डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 30 हजार से तीन लाख रुपए तक के छोटे लोन लेने में सबसे आगे हैं। आसान आवेदन प्रक्रिया, त्वरित स्वीकृति और लचीले भुगतान विकल्पों के कारण ये लोन युवाओं में लोकप्रिय हो रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि युवा लोन न केवल व्यक्तिगत जरूरतों के लिए- जैसे शिक्षा, गैजेट्स या यात्रा, बल्कि स्टार्टअप्स बढ़ाने के लिए भी ले रहे हैं। जयपुर के सी-स्कीम और मालवीय नगर जैसे स्टार्टअप हब में छोटे कैफे, फूड डिलीवरी सर्विस और ऑनलाइन रिटेल स्टोर्स तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें अधिकतर जनरेशन जेड के युवा शामिल हैं। 2024-25 में जयपुर में डिजिटल लोन लेने वालों में 60 प्रतिशत से अधिक जनरेशन जेड के युवा हैं।
कई युवा इन लोन के जरिए दुकान खोल रहे हैं, तो कुछ नया स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं। लालकोठी निवासी 23 वर्षीय उद्यमी राघव शर्मा ने बताया कि उन्होंने एक डिजिटल ऐप से 60 हजार रुपए का लोन लेकर ऑनलाइन हस्तशिल्प व्यवसाय शुरू किया। बिना जटिल कागजी कार्रवाई के लोन मिल गया और उनका व्यवसाय अच्छा चल रहा है।
इसके अलावा सी-स्कीम निवासी 21 वर्षीय रोहित मुदगल ने बताया कि उन्होंने ट्यूशन सेंटर खोलने के लिए डिजिटल लोन लिया, जिससे कई बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। बैंकों में जहां लोन के लिए लंबी प्रक्रिया, गारंटर और उच्च क्रेडिट स्कोर की जरूरत होती है, डिजिटल प्लेटफॉर्म न्यूनतम दस्तावेज और त्वरित स्वीकृति देते हैं।
फाइनेंशियल एडवाइजर नितिन सचदेवा का कहना है कि डिजिटल क्रेडिट लेते समय सावधानी आवश्यक है। मांगी गई जानकारी सोच-समझकर साझा करें, समय पर भुगतान करें और कर्ज के बोझ को न बढ़ाएं। धोखाधड़ी से बचने के लिए प्रतिष्ठित और रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म्स से ही लोन लें। ब्याज दरों और छिपे हुए शुल्कों पर ध्यान दें। साथ ही डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा के मुद्दों को गंभीरता से लें।
Updated on:
28 May 2025 12:16 pm
Published on:
28 May 2025 11:49 am
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