भूकंप के मलबे में दब जाने से संपूर्ण की मौत हो गई, जबकि पूरन का हाथ फ्रैक्चर हो गया। 25 अप्रैल को ही रात 11 बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया और गणेश को भी उसी समय इसकी सूचना मिली। गणेश को अब काठमांडू में रहने वाली 18 वर्षीया बिटिया रूपा कुमारी की चिंता हर पल सता रही है।