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राजस्थान के नेताओं और सहप्रभारियों पर भडक़े राहुल, कहा- कांग्रेस को जिताने की जिम्मेदारी दी है या हराने की?

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जयपुर

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Dinesh Saini

Nov 03, 2018

rahul gandhi

जयपुर। मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह और ज्योतिर्रादित्य सिंधिया की खटपट पर कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi की तल्खी से सहमे राजस्थान के नेता भी राडार पर आ गए हैं। कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची देखकर भडक़े राहुल ने राजस्थान के सह प्रभारियों को बुरी तरह लताड़ लगाते हुए ई और सूचियां तुरंत दुरुस्त करने की हिदायत दी। हालांकि कांग्रेस के नेता सोनिया गांधी के आवास पर बंद कमरे में हुई बैठक शांतिपूर्ण ढंग से निपटने का दावा करते हुए बाहर निकले थे, लेकिन पार्टी सूत्रों की मानें तो कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बुधवार को बैठक के दौरान राहुल सहप्रभारियों व राजस्थान के नेताओं पर ऐसे भडक़े कि एक बार तो सन्नाटा छा गया।


दरअसल राहुल की नाराजगी प्रदेश के चारों सह प्रभारियों के कामकाज को लेकर थी। सह प्रभारियों काजी निजाम, तरुण कुमार, देवेंद्र यादव और विवेक बंसल को राजस्थान के सभी सम्भागों का जिम्मा देकर ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर प्रत्याशियों का पैनल बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बैठक में सहप्रभारियों की रिपोर्ट और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) की ओर से करवाए गए सर्वे में फर्क देखकर राहुल भडक़ उठे। एक सह प्रभारी के पैनल में तो लगभग दो दर्जन से ज्यादा दागी नेताओं के नाम देखकर राहुल हैरान रह गए। उन्होंने सहप्रभारियों को फटकार लगाई और कहा कि आपको पार्टी ने राजस्थान में कांग्रेस को जिताने की जिम्मेदारी दी है या हराने की? सह प्रभारियों के पैनल के कई नामों को लेकर राहुल ने सवाल-जवाब भी किए।


महिलाओं-युवाओं को नदारद देख चौंके
राहुल की सबसे ज्यादा नाराजगी पैनल में महिलाओं और युवाओं के कम नाम शामिल किए जाने पर दिखी। कांग्रेसाध्यक्ष ने पैनल तैयार करने से पहले ही स्क्रीनिंग कमेटी, पीसीसी और सह प्रभारियों को पैनल में महिलाओं व युवाओं के नाम शामिल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सूची में इनकी संख्या बहुत कम दिखी। आपको याद होगा कि राहुल ने डूंगरपुर के सागवाड़ा की रैली प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे का नाम लेकर अपने भाषण में ही कहा था कि महिलाओं के नाम सूची में नहीं हुए तो वे सूची को रिजेक्ट कर देंगे।


करवाया था 'पोस्टमार्टम'
सूत्रों के अनुसार सह प्रभारियों के पैनल में सम्भाग विशेष के नेताओं को ऑब्लाइज कर उनके समर्थकों के नाम शामिल किए जाने की बात सामने आई है। यह भी कहा जा रहा है कि सह प्रभारियों ने पैनल उस इलाके के बड़े नेताओं को पूछकर बनाए। राहुल ने ऐसे नेताओं को भी राडार पर लिया है। बैठक के बाद से ये नेता सहमे हुए नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि सह प्रभारियों के पैनल का राहुल ने अपने स्तर पर भी पोस्टमार्टम करवाया था। इसके लिए कांग्रेस एससी विभाग के चेयरमैन के. राजू को जिम्मा दिया गया था। उनकी रिपोर्ट में भी नेताओं को ऑब्लाइज किए जाने की पुष्टि हो चुकी थी।


नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाए थे सवाल
इससे पहले राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने भी स्क्रीनिंग कमेटी की बैठकों में सह प्रभारियों की रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। डूडी ने इस बारे में राहुल से सह प्रभारियों की शिकायत भी की। सीईसी की बैठक में यह भी सहप्रभारियों के राहुल के निशाने पर आने का एक कारण बना।