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राजस्थान के इन जिलों में नहीं दिखने चाहिए 10 व 15 साल पुराने डीजल व पेट्रोल वाहन

राजस्थान के कई जिलों की हवा जहरीली होती जा रही है। इसे देखते हुए मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने भिवाड़ी क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदूषण फैलाने वालों के विरूद्ध अविलंब सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर । राजस्थान के एनसीआर से जु़ड़े जिलों में वायु प्रदूषण की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तय हुआ है कि वहां 10 व 15 साल पुराने डीजल व पेट्रोल वाहन सड़कों पर दिखाई नहीं देने चाहिए। साथ ही हिदायत दी गई कि इस काम में किसी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता प्रदूषण को बढ़ने से रोकना होना चाहिए और इसके लिए सभी संबंधित विभाग सामंजस्य व तत्परता से कठोर निर्णय लें।

राजस्थान के कई जिलों की हवा जहरीली होती जा रही है। इसे देखते हुए मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने भिवाड़ी क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदूषण फैलाने वालों के विरूद्ध अविलंब सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, पुलिस व राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी भिवाड़ी उद्योग क्षेत्र व अलवर की एयर क्वालिटी की सतत् निगरानी करें और प्रदूषण को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

उन्होंने अलवर जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि भिवाड़ी क्षेत्र में प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। प्राकृतिक कारणों के अतिरिक्त प्रदूषण फैलाने वाले अन्य कारकों पर अविलंब सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। रोड डस्ट से उत्पन्न प्रदूषण की रोकथाम के लिए उद्योग व परिवहन के हितधारकों से संवाद कर कार्य योजना बना कर उसे तत्परता से लागू करें।

क्लीनर फ्यूल पर परिवर्तित करने की योजना
कहा गया है कि अलवर एवं भिवाड़ी क्षेत्र में स्थित उद्योगों को क्लीनर फ्यूल पर परिवर्तित करने की योजना की पालना करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अलवर एवं भरतपुर जिलों में 10 व 15 साल पुराने डीजल व पेट्रोल वाहनों को हटाने के शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त किया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही ना बरती जाए।

चिंता बढ़ा रहा है एयर क्वालिटी का गिरता स्तर
वन एवं पर्यावरण की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने कहा कि नेशनल केपिटल क्षेत्र में स्थित अलवर व भरतपुर के एयर क्वालिटी इंडेक्स एवं ग्रेडेड रेस्पोंस एक्शन प्लान (ग्रेप) की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवंबर अब तक भिवाड़ी क्षेत्र में एयर क्वालिटी का स्तर गिरा है, जो कि चिंतनीय है। सभी संबंधित विभागों का तत्परता से कार्य करते हुए एयर क्वालिटी को सुधार करना अति आवश्यक है। आर्य मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से नेशनल केपिटल क्षेत्र में स्थित अलवर व भरतपुर जिलों के एयर क्वालिटी इंडेक्स पर आयोजित बैठक की समीक्षा कर रहे थे।