
HMPV Virus: कोटपूतली। राजस्थान में ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। सर्दी के सीजन में फैलने वाले HMPV को लेकर यहां बीडीएम अस्पातल में दस बैड का अलग से वार्ड तैयार किया गया है। अस्पताल में दवाएं, संभावित मरीजों के उपचार सैम्पल लेने व जांच को लेकर कवायद शुरू की गई है। नए वायरस का बच्चों में सबसे अधिक प्रभाव होने के देखते हुए जिले के सबसे बड़े सरकारी बीडीएम अस्पताल की ओपीडी में सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों वाले मरीजों की स्क्रीनिंग शुरू हो गई है।
पीएमओ डॉ. चैतन्य रावत ने बताया कि अस्पताल में संभावित मरीजों को देखते हुए शिशु रोग विभाग के सीनियर व जूनियर रेजीडेंट सहित चिकित्सकों को विशेष दिशा-निर्देश के साथ हर समय अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने वार्ड में लगे वेंटीलेटर, बैड सहित अन्य उपकरणों की सार संभाल की है। जिससे किसी आपदा के समय मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं झेलनी पड़े। किसी भी रोगी में एचएमवीपी के लक्षण नजर आने पर जांच के लिए सैम्पल लेने व इसकी जांच की व्यवस्था अस्पताल में शुरू की गई है।
पहली बार इस वायरस की पहचान 2001 में हुई थी और यह सालों से दुनिया भर में फैल रहा है। बुखार, गले में खराश, नाक का बहना या नाक का जाम हो जाना फ्लू जैसे लक्षण नजर आते हैं। ये कम उम्र के बच्चों, कमजोर इम्यूनिटी वालों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकता है। पीड़ित में न्यूमोनिया या ब्रोंकोलाइटिस जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के खासकर बच्चों के इस वायरस की चपेट में आने का खतरा ज्यादा रहता है।
सीएमएचओ डॉ. आशीष शेखावत ने बताया कि एचएमपीवी कोई नया वायरस नहीं है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। इस वायरस से निपटने के लिए सर्दी बुखार के मरीजों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। तैयारियों की समीक्षा कर सभी चिकित्सकों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सर्दी-जुकाम के मरीज मुंह पर मास्क लगाकर इस संक्रमण को फैलने से रोक सकते है।
Updated on:
12 Jan 2025 11:51 am
Published on:
12 Jan 2025 11:49 am
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