
जयपुर . 16वीं शताब्दी में राजा मानसिंह द्वारा बनवाया गया आमेर किला आज देश में सर्वाधिक प्रसिद्ध वर्ल्ड हैरिटेज साइट है। बनाते वक्त इसमें सफेद और लास सैंड स्टोन का इस्तेमाल किया गया। ये महल हिंदू ओर मुगल आर्किटेक्चर का बेजोड़ नमूना है। इसे किले में बना आमेर पैलेस खास तौर पर राज परिवार के रहने के लिए बनाया गया था। कहा जाता है कि आमेर फोर्ट में बना शीश महल माचिस की एक तिल्ली से रोशन हो जाता था। पर्यटकों का लगा रेला...
हाल ही सामने आए विजिटर्स के आंकड़ों में दो लाख से ज्यादा लोगों ने आमेर के इस महल को टिकट लेकर देखा। विगत माह सीजन पर्यटन के लिए काफी बेहतर साबित हुआ। सितम्बर के मुकाबले सीजन आते ही पर्यटकों की तादाद में दोगुना तक इजाफा हुआ है। सितंबर में वर्ल्ड टूरिज्म डे होने के बावजूद यहां आने वाले विदेशियों की संख्या महज 24 हजार थी, वह अक्टूबर में बढ़कर करीब 47 हजार हो गई।
बता दें कि मई में 14 हजार, जून में 10 हजार, जुलाई में 17 हजार, अगस्त में 26 हजार सितम्बर में 24 हजार पर्यटक आमेर महल देखने आए, लेकिन अक्टूबर से पर्यटन सीजन इतना फला—फूला कि सवा दो लाख लोगों ने दीदार किया।
कैसे पहुंच रहे टूरिस्ट्स
आमेर महल में अब टूरिस्ट गोल्फ विंटेज कार्ट के जरिए महल तक पहुंचने लगे हैं। इसके लिए यहां गाड़ियां चलाई गईं, जो अब रोजाना हाथी सवारी बंद होने के बाद चलाई जाएंगी। इससे टूरिस्ट बिना पॉल्यूशन के आसानी से महल तक पहुंच सकेंगे। पहले दिन ही टूरिस्ट का अच्छा रेस्पॉन्स दिखा और विशेष रूप से विदेशी टूरिस्ट ने कार्ट का इस्तेमाल किया। कार्ट हाथियों के आने-जाने के रास्ते पर ही संचालित की जा रही हैं।
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शुरुआत में यहां 10 गाड़ियां चलाई जा रही हैं, जिन्हें कुछ ही दिनों में 25 कर दिया जाएगा। एक कार्ट में ड्राइवर सहित 6 लोग सवारी कर सकते हैं, जिसका दोनों ओर का किराया 50 रुपए होगा और एक तरफ के 40 रुपए लिए जाएंगे। 1 नवंबर से चार्ज लिया जाने लगा। जल्द ही गाड़ियों का उद्घाटन किया जाएगा। गाड़ियां बैट्री से संचालित होती हैं, जिससे पॉल्यूशन नहीं होगा।
Published on:
06 Nov 2017 05:34 pm
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