4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

…तो अब खत्म हुआ ‘बैज’ का इंतजार

—आंगनबाड़ी वर्कर को मिलेगा जल्द ही बैज
2 min read
Google source verification
anita bhadel

...तो अब खत्म हुआ 'बैज' का इंतजार

—महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी किया बजट
जयपुर
मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की पहचान के लिए नाम अंकित बैज का वितरण किया जाएगा। जिले के सभी परियोजना कार्यालयों को अपने अधीनस्थ कार्यकर्ता व सहायिकाओं को बैज वितरण का जिम्मा सौंपा गया है। प्रदेश भर में चल रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सरकार ने बैज जारी करते हुए इसके लिए बजट आवंटित किया है। बैज पाने के लिए कार्यकर्ता कई समय से विभाग को शिकायतें भेज रही थी। इसे दूर करते हुए विभाग ने प्रत्येक जिले को प्रत्येक कार्यकर्ता के बैज के लिए निर्धारित मापदंड के तहत 25 रुपए जारी किए है। प्रदेश में इस वक्त लगभग 63 हजार आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की मानें तो केंद्र सरकार ने इस बारे में निर्देश जारी किए है। इसके तहत सभी आंगनबाड़ी वर्कर और सहायिकाओं को 'मेटेलिक नेम बैज' दिया गया है। इस बैज को कार्य के दौरान यूनिफॉर्म के साथ लगाना अनिवार्य है।

क्यों अनिवार्य है बैज—
केंद्र सरकार ने करीब चार साल पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए पिंक कलर की साड़ी तय की है। इनकी साड़ी पर इनके नाम का बैज लगाना भी इसी वक्त से तय किया गया था। इस ड्रेस कोड को लागू करने के पीछे इनकी पहचान को दर्शाना है। ताकि सरकारी योजनाओं के प्रचार के दौरान इन्हें बार—बार अपनी पहचान नहीं बतानी पड़े। महिलाएं अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सरलता से पहचान सके। इतना ही नहीं बैज होने से उसे बार—बार अपना नाम भी बताने की जरुरत नहीं होगी।


ये भी जानें—
प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का ड्रेस कोड लागू होने के बाद विभाग की ओर से साड़ी खरीदने के लिए इनके बैंक अकाउंट में पैसा डाला जा रहा था। लेकिन कुछ परियोजनाओं में महिला सुपरवाइजर की ओर से कार्यकर्ताओं से ये कहकर पैसा ले लिया कि कम कीमत पर उन्हें साड़ी दे दी जाएगी। लेकिन सुपरवाइजर ने कुछ पैसा अपनी पॉकेट में रख लिया और समय पर इन्हें साड़ी भी नहीं दी। इस साड़ी घोटाले का भंडा फोड़ होने के बाद सख्ती से अब इन कार्यकर्ताओं को ही साड़ी खरीदकर पहनने को कहा है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग