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जयपुर. सीतापुरा स्थित जेईसीसी में चल रही 77वीं एपिकॉन—2022 के दूसरे दिन जेएनएलयू के डॉ.शिव सरीन ने हार्ट ऑफ लीवर विषय पर कहा कि देश में असेहतकारी खान-पान और आलसी जीवन शैली के चलते महिला और पुरुषों में फैटी लिवर की शिकायत रहती है। उन्होंने कहा कि फैटी लिवर एक बेहद सामान्य लिवर की बीमारी है। इससे करीब 30 प्रतिशत भारतीयों के प्रभावित होने का अनुमान है। एक अध्ययन के अनुसार जिस पुरुष की कमर 90 सेमी और महिला की कमर 80 सेमी हो वह इस रोग से बच सकता है। आयोजन सचिव डॉ.पुनीत सक्सेना ने बताया कि 45 मिनट ब्रिस्क वॉक डायबिटीज पर काबू पाने में सक्षम है।
जयपुर के डॉ.भंडारी और डॉ.सक्सेना को अवार्ड
एक दिन पहले उदघाटन समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरयूएचएस के कुलपति डॉ. सुधीर भंडारी को चिकित्सा क्षेत्र में कार्य के लिये विशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया। रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियन ग्लासगो अवार्ड डॉ.पुनीत सक्सेना, कोटा के डॉ.के.के.पारीक और कोयम्बटूर के डॉ.मुर्गनाथन को वर्ष 2021 का डॉ.जीवराज मेहता अवॉर्ड दिया गया।
डॉ.सक्सेना ने बताया कि दो दिनों में 11 कार्यशालाएं, पोस्टर विमोचन व प्रतियोगिताएं हुई। जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर में मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ.अनिल समारिया ने बताया कि करीब 6500 चिकित्सकों की मौजूदगी में हो रहे इस सम्मेलन में चिकित्सकों को विभिन्न शोध और बदलावों को जानने का मौका मिल रहा है।
व्यावहारिक व पर्यावरणीय कारणों से होता है हायपरटेंशन
आयोजन अध्यक्ष डॉ.के.के.पारीक और सह अध्यक्ष डॉ.गिरीश माथुर ने कहा कि जीवन शैली में बदलाव कर हायपरटेंशन से बचा जा सकता है। प्राथमिक तौर पर यह व्यावहारिक व पर्यावरणीय कारणों से होता है। इस रोग से पीड़ित 40 प्रतिशत रोगी एक समय बाद इसकी प्रतिरोधी दवाएं लेना बंद कर देते हैं, जो घातक है। पद्मश्री डॉ.शशांक जोशी ने इम्यूनिटी एंड रोल ऑफ विटामिन सी और अहमदाबाद से आए डॉ.बंसी साबू ने डायबिटीज केयर पर व्याख्यान दिया।
Published on:
15 Apr 2022 06:47 pm
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