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Cyber Fraud Alert : कुरियर वाला नहीं ये ठग का कॉल है, कभी भी कोड डायल करने की गलती न करें

parcel scam India: कोड डायल करने की गलती से खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट। एक गलती और सब कुछ खत्म। पुलिस भी लोगों को चेता रही।

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Jan 01, 2026

मोहित शर्मा.

USSD call forwarding fraud: जयपुर. कुरियर डिलीवरी के नाम पर ठगी का नया और खतरनाक तरीका सामने आया है। ठग खुद को कूरियर कंपनी का एजेंट बताकर फोन करते हैं और पार्सल अटकने की बात कहकर victims से *21* फिर मोबाइल नंबर और # जैसे USSD (Unstructured Supplementary Service Data) कोड डायल करवाते हैं। यह कोड डायल करते ही आपके फोन की सभी इनकमिंग कॉल्स और ओटीपी ठगों के नंबर पर फॉरवर्ड हो जाती हैं, जिससे बैंक अकाउंट, यूपीआई और सोशल मीडिया हैक हो जाता है। यह स्कैम तेजी से फैल रहा है। सतर्क रहें, जागरूक रहें एक छोटी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है।

ये तरीका अपनाते हैं ठग 21 code scam

देश में इन दिनों साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं के बीच यह स्कैम सबसे घातक साबित हो रहा है। ठगों का तरीका बेहद साधारण लेकिन प्रभावी है वे अरजेंसी पैदा करते हैं कि "आपका पार्सल कस्टम में अटका है" या "डिलीवरी कन्फर्म करने के लिए यह कोड डायल करें"। कोड आपके नंबर पर मैसेज कर दिया है। जैसे ही विकटिम कोड डायल करता है, अनकंडीशनल कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिवेट हो जाती है। इसके बाद बैंक से आने वाले ओटीपी, व्हाट्सएप वेरिफिकेशन या कोई महत्वपूर्ण कॉल ठगों तक पहुंच जाती है।

USSD कोड बिना इंटरनेट के भी करता है काम

बिना कोई लिंक क्लिक कराए या ऐप डाउनलोड करवाए, ठग लाखों रुपए लूट लेते हैं। हाल के महीनों में देश में ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं, जहां लोगों के अकाउंट खाली हो गए। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्कैम इसलिए खतरनाक है क्योंकि USSD कोड इंटरनेट के बिना भी काम करता है और फोन पर कोई नोटिफिकेशन नहीं आता।

स्कैम का तरीका: कैसे फंसाते हैं ठग ?

ठग आमतौर पर सुबह या शाम के समय कॉल करते हैं। वे खुद को कूरियर एजेंट बताते हैं और कहते हैं कि आपका कोई पार्सल गलत एड्रेस पर पहुंचा है या डिलीवरी इश्यू है। फिर "सुपरवाइजर से कनेक्ट करने" या "ट्रैकिंगअपडेट" के बहाने *21* के बाद कोई मोबाइल नंबर जोडक़र बाद में # कोड डायल करवाते हैं। एक बार फॉरवर्डिंग ऑन होने के बाद, विकटिम को पता तक नहीं चलता और ठग आराम से ओटीपी चुराकर ट्रांजेक्शन कर लेते हैं।

सरकारी अलर्ट: I4C सी की चेतावनी

गृह मंत्रालय के अधीन इंडियन साइबर क्राइम कोर्डिनेशन सेंटर (I4C सी) की नेशनल साइबर क्राइम थे्रटएनालेटिक्स यूनिट ने दिसंबर 2025 में इस स्कैम के खिलाफ विशेष एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि अज्ञात व्यक्ति के कहने पर 21, 61, 67 या इसी तरह शुरू होने वाले किसी यूएसएसडी कोड को कभी डायल न करें।

खुद को बचाने के आसान तरीके

  • अज्ञात कॉल पर कभी यूएसएसडी कोड डायल न करें।
  • अनजान कॉल पर 21, 61, 67 से शुरू कोई कोड न डायल करें।
  • फॉरवर्डिंग चेक करने के लिए *#21# डायल करें।
  • सभी फॉरवर्डिंगकैंसल करने के लिए ##002# डायल करें।
  • पार्सल स्टेटस खुद कूरियर की ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट से चेक करें।
  • शक होने पर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

अगर ठगी हो गई तो तुरंत करें ये उपाय

  • बैंक को सूचित कर अकाउंट फ्रीज करवाएं।
  • साइबर क्राइम पोर्टल पर एफआईआर दर्ज करें।
  • मोबाइल ऑपरेटर से फॉरवर्डिंगडिएक्टिवेट करवाएं।
  • पासवर्ड बदलें और 2fa (Two-Factor Authentication) ऑन करें।
  • पिछले 24 घंटे में कोई अनधिकृत ट्रांजेक्शन हुआ तो तुरंत रिपोर्ट करें। कई मामलों में पैसे रिकवर हो जाते हैं।