
ITBP DOG
जल, थल, नभ। देश-दुनिया का कोई ऐसा हिस्सा नहीं है या धरती का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं बचा है जहां महिलाएं अपने को पुरुषों के मुकाबले 20 साबित न कर रही हों। 20 इसलिए कि पुरुष आज भी घर में हिस्सेदारी नहीं निभाते हैं और महिलाएं घर की जिम्मेंवारी निभाते हुए सभी क्षेत्रों में अपने को साबित कर रही हैं। अभी यूपीएससी के परिणाम में महिलाओं ने फिर से अपने को अव्वल साबित किया है।
भारतीय सैन्य बल के तीनों सेनाओं में प्रवेश के बाद अब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने पहल करते हुए मेलिनोइस डॉग के प्रशिक्षण, संचालन के लिए आठ महिला जवानों को तैनात किया है। मलिनोईस एक प्रसिद्ध श्वान नस्ल है जो वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित इलाके में तैनात आईटीबीपी के जवानों के साथ सेवाएँ देती है और विभिन्न जांच कार्यों के दौरान नागरिकों की भी सुरक्षा करती है।
महिला सिपाही तैनात करने वाला पहला बल
गृह मंत्रालय के अधीन सशस्त्र बल में शामिल आईटीबीपी पहला ऐसा बल है जिसने महिला डॉग हैंडलर्स तैनात किया है। नक्सली इलाकों में डॉग के साथ हैंडलर को काउंटर इंसर्जेंसी ग्रिड में एरिया डोमिनेशन पेट्रोल (एडीपी) के मोर्चे पर रखा जाता है। ऐसे में अब यह डॉग हैण्डलर्स बल के जवानों के साथ-साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवाएं देंगी। गौरतलब है कि आईटीबीपी भारत और चीन की सीमा सुरक्षा के लिए तैनात एक पर्वतीय प्रशिक्षित बल है।
पंचकूला में दी जा रही है ट्रेनिंग
आईटीबीपी प्रवक्ता विवेक कुमार पांडेय ने बताया कि यह महिलाएं इस भूमिका को तब से पूरी तरह से निभाएंगी जब पंचकुला के पास बेसिक ट्रेनिंग सेंटर भानू में आईटीबीपी नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स (एनटीसीडी) से ये मेलिनोइस डॉग पास आउट होंगे। स्पार्क, एक्सल, जुली, चार्ली, रोनी, एनी, मेरी और टफी मेलिनोइस पप्स अभी लगभग 3 माह के हैं। इन्हें महिला हैंडलर्स टैक्टिकल बेसिक ओबिडिएंस ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसके बाद आईटीबीपी दोहरे उद्देश्य वाले इन के9 टीमों को पेट्रोल एक्सप्लोसिव डिटेक्शन डॉग्स के रूप में तैनात करेगी ।
Published on:
03 Jun 2022 10:57 pm
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