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Arjun Ram Meghwal : अब पुडुचेरी में ‘चाणक्य’ की भूमिका में होंगे राजस्थान सांसद, जानें क्या होंगी चुनौती?

बीकानेर सांसद अर्जुन राम मेघवाल को भाजपा ने दी महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी, पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए बनाया चुनाव प्रभारी, जीत के लिए रणनीति बनाने से लेकर पार्टी पक्ष में बनायेंगे माहौल, फिलहाल पुडुचेरी में काबिज़ है कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की सरकार, केंद्र शासित राज्य में ‘कमल’ खिलाना रहेगा चुनौतीपूर्ण लक्ष्य

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arjun ram meghwal appointed as puducherry election incharge

जयपुर।

केंद्रीय राज्य मंत्री व बीकानेर सांसद अर्जुन राम मेघवाल को भाजपा आलाकमान ने पुडुचेरी राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र चुनाव प्रभारी की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में केंद्र शासित राज्य में ‘कमल’ खिलाने का पूरा दारोमदार मेघवाल के कंधों पर ही रहेगा।

चुनाव प्रभारी होने के नाते उनके पास जिताऊ उम्मीदवारों के चयन और विरोधी दलों में सेंध लगाने से लेकर प्रचार माध्यमों के ज़रिये राज्य में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का चुनौतीपूर्ण टास्क रहेगा। 33 विधानसभा सीटों वाले राज्य में प्रभारी बनाए गए राजस्थान के सांसद अर्जुन मेघवाल अब जल्द ही यहाँ कमान संभालकर सत्ता में काबिज़ होने के मकसद से सियासी रणनीति बनाते दिखाई देंगे।

गौरतलब है कि भाजपा ने मंगलवार को पांच राज्यों में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में से चार राज्यों असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के लिए चुनाव प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए हैं। एक अन्य राज्य पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय को पार्टी ने पहले ही चुनाव प्रभारी की ज़िम्मेदारी दी हुई है।

‘मिशन-25’ होगा टार्गेट
सांसद मेघवाल के लिए बतौर चुनाव प्रभारी पुडुचेरी राज्य की कुल 33 सीटों में से 25 से ज़्यादा सीटों पर जीत पाकर सत्ता में आने का टार्गेट रहेगा। दरअसल, बीते रविवार को पुडुचेरी में ही एक चुनावी सभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए यहां 25 से ज़्यादा सीटें जीतने का दावा किया है।


‘कमल’ खिलाना रहेगा चुनौती
पुडुचेरी राज्य में फिलहाल कांग्रेस और डीएमके गठबंधन की सरकार है। वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में इस गठबंधन को 17 सीटें मिली थी। जबकि भाजपा और अन्य दलों के एनडीए गठबंधन को 12 सीटें ही मिली थी। वहीं पार्टियों की जीती सीटों की बात करें तो पिछले चुनाव में कांग्रेस को 14 जबकि भाजपा को सिर्फ दो सीटें ही मिली थी।

ऐसे में गठबंधन के सहारे राज्य में ‘एंटी-इनकम्बेंसी’ के साथ ही राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों को उठाकर ‘पुडुचेरी फतह’ करने का जिम्मा चुनाव प्रभारी सांसद मेघवाल के पास रहेगा।

मेघवाल को मिल सकते हैं ये ‘फायदे’!
पुडुचेरी में भले ही कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की सरकार हो। लेकिन इस बार सूबे की सियासत में काफी कुछ बदलाव देखने को मिले हैं। विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ ही इस गठबंधन में दरार पड़ती दिखाई दी है। इस चुनाव में गठबंधन नहीं होने का खतरा कांग्रेस को सता रहा है। वहीं कई स्थानीय नेता भी कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ रहे हैं।

इन सभी बदलती सियासी परिस्थितियों का फ़ायदा भाजपा के चुनाव प्रभारी बनाए गए सांसद अर्जुन राम मेघवाल को मिल सकता है। अब वे इन स्थितियों को भाजपा के पक्ष में कर पाने में सफल रहते हैं या नहीं, ये देखना दिलचस्प रहेगा।