.राग-अनुराग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
जयपुर। शास्त्रीनगर स्थित संगीत आश्रम संस्थान की ओर से संजोए दो दिवसीय संगीत समारोह के पहले दिन शनिवार को संस्थान प्रांगण में संस्थान के ही कलाकारों ने सुर, लय और ताल का उम्दा संयोजन दर्शाकर अपनी सुरीली आवाज में गीतों की सलोनी प्रस्तुतियां दीं। राग-अनुराग शीर्षक से सांस्कृतिक कार्यक्रम में करीब दो दर्जन से अधिक बाल व युवा कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत के राग यमन आधारित रिकॉर्डेड और अन रिकॉर्डेड गीतों का गुलदस्ता सजाकर सुधी श्रोताओं को आह्लादित कर दिया। संगीत निर्देशक अमित अनुपम के निर्देशन में कई कलाकारों ने मशहूर कवि हरिवंशराय बच्चन समेत अनेक एमिनेंट कवियों की रचनाओं को राग यमन में पिरोकर सुरों के खूबसूरत लगाव व तैयारी पक्ष का उम्दा प्रदर्शन कर अनरिकॉर्डेड गीतों की छटा बिखेरी। तमाम प्रस्तुतियों में राग यमन के तीव्र मध्यम के तिलिस्म ने समां बांध दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में कलाकार ताराचंद जैन ने राग यमन आधारित फिल्मी गीत भूली हुई यादों… की प्रस्तुति दी। इसके बाद कलाकार सुमित्रा अग्रवाल ने अजी ना जाओ छोड़ कर…,रजनी कुमावत ने अहसान तेरा होगा मुझ पर.., कशिश कंवर ने नाम गुम हो जाएगा…, आशीष सोनी ने मंगलम् भगवान विष्णु…., मधुमिता सेन ने आज जाने की जिद ना करो…,जीनस कंवर ने आए हो मेरी जिन्दगी में…, नमन अटोलिया ने सोचेंगे तुम्हें प्यार करें के नहीं…, वनिता हीरानी ने जब दीप जले आन…, साधना रावल ने जिया ले गयो रे मोरे सांवरियां.., भूमि ने मौसम है आशिकाना..को दिलकश अंदाज में पेश कर माहौल में सदाबहार गीतों की मिठास घोल दी। कार्यक्रम में सना उस्मानी समेत अनेक कलाकारों ने गीत पेश किए। वहीं कलाकार कुणाल टेलर ने गिटार पर राग यमन में पिरोयी धुन बजाई। तबले पर दिलशाद खान की-बोर्ड पर हबीब खान,गिटार पर वत्सल अनुपम, हारमोनियम पर हरीश नागौरी और ऑक्टोपैड पर अनुपम निर्वाण ने प्रभावी संगत की।
आज मानसरोवर चौपाटी पर सजेगी सांस्कृतिक संध्या
संस्थान सचिव व संगीत निर्देशक अमित अनुपम ने बताया कि संगीत समारोह के दूसरे दिन विवार शाम छह बजे यहां मानसरोवर स्थित चौपाटी प्रांगण में सांस्कृतिक संध्या सजेगी।