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पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं को गहलोत ने बताया नकारा, निकम्मा और गद्दार, सीएम भजनलाल पर भी कसा तंज

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं को अवसरवादी, नकारा, निकम्मा और गद्दार करार दिया है। गहलोत ने कहा ऐसे लोग भी पार्टी में रहते हैं। इससे पहले भी गहलोत ने ऐसे नेताओं को नॉन परफॉर्मिंग एसेट कहा था।

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Ashok Gehlot

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जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं को अवसरवादी, नकारा, निकम्मा और गद्दार करार दिया है। गहलोत ने कहा ऐसे लोग भी पार्टी में रहते हैं। इससे पहले भी गहलोत ने ऐसे नेताओं को नॉन परफॉर्मिंग एसेट कहा था। गहलोत में सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं उन्होंने हमारी पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है। अवसरवादी, नकारा-निकम्मा यह शब्द आपस में भाई-बहन हैं। गहलोत ने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है, युवाओं को पार्टी के लिए एसेट बनना चाहिए, हमारी पार्टी ने कई युवाओं को मंत्री बनाया था लेकिन जब उनकी जरूरत थी तब वे लोग पार्टी छोड़कर चले गए।

पार्टी प्रत्याशियों को हराने का काम करते हैं कुछ लोग

गहलोत ने किसी भी नेता का नाम लिया बगैर कहा कि पार्टी में ऐसे लोग भी हैं जो प्रत्याशियों को हराने का काम करते हैं लेकिन मैंने कभी भी किसी को हराने का प्रयास नहीं किया है, जो टिकट लेकर आया है अगर वह जीतता है तो इससे मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के हाथ मजबूत होंगे।

भाजपा में पर्ची से सरकार बनाते हैं और प्यार-मोहब्बत से हटा देते हैं

गहलोत में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में पर्ची से सरकार बनाते हैं और प्यार-मोहब्बत से हटा देते हैं, जैसे हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर को हटाया। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री को अच्छे सलाहकारों की जरूरत है। अगर वह दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से चलेंगे तो ज्यादा दिन नहीं चल पाएंगे।

4 महीने से लाभार्थियों को नहीं मिल रही पेंशन

पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान पत्रिका की खबर का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में 87 लाख पेंशनर्स लाभार्थियों को पिछले 4 महीने से पेंशन नहीं मिल रही है, मुख्यमंत्री व्यस्त है और कोई भी उन्हें सही फीडबैक नहीं देता है।

प्रधानमंत्री की भाषा में बौखलाहट

गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री भाषा के निचले स्तर पर उतर आए हैं। उन्होंने मंगलसूत्र, संपत्ति, भैंस के बाद अब मुजरे वाला बयान दिया है। पूरी दुनिया देख रही है कि भारत में हो रहे चुनावों में किस भाषा का प्रयोग हो रहा है। गहलोत ने प्रदेश में लोकसभा चुनावों में डबल डिजिट में सीटें आना का दावा करते हुए केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बहुमत से बनने की बात भी कही।