
जयपुर।
गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव संपन्न होने के बाद अब आम आदमी पार्टी ने राजस्थान समेत अन्य चुनावी राज्यों पर फोकस करना शुरू कर दिया है। आप पार्टी की सक्रियता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि चुनावी वर्ष आने के साथ ही संगठन में विभिन्न स्तर पर गतिविधियों ने रफ़्तार पकड़ना शुरू कर दिया है। इस बीच आप पार्टी को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाज़ी से भी सियासी पारा गरमाने लगा है।
मुख्यमंत्री के बयानों में 'आप' का ज़िक्र
प्रदेश में आम आदमी पार्टी की एन्ट्री और आगामी चुनाव में अन्य राजनीतिक दलों को चुनौती को लेकर बयानबाज़ी से सियासी पारा गरमा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी अपने बयानों में आप पार्टी का ज़िक्र कर रहे हैं। अपने बांसवाड़ा दौरे के दौरान भी सीएम गहलोत ने आप पार्टी की भूमिका को लेकर बयान दिया।
गहलोत ने गुजरात चुनाव के संबंध में पूछे सवाल पर कहा गुजरात में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस का नुकसान हुआ। भाजपा व आप पार्टी मिले हुए हैं। भाजपा को जिताने के लिए एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते हैं। आप पार्टी ने चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ कैम्पेन शुरू किया। बाद में विड्रॉ कर लिया, ताकि भाजपा जीत जाए। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी, तनाव ज्यादा है। आज राहुल गांधी जो कह रहे हैं, उस बारे में देशवासियों को चिंतन करना चाहिए। 2023 के चुनाव में राजस्थान के अलावा कई राज्यों में बदलाव आएगा।
आप का पलटवार, बोले 'ये तो शुरुआत है'
मुख्यमंत्री गहलोत के आम आदमी पार्टी को लेकर बांसवाड़ा में दिए बयान के बाद आप पार्टी नेताओं ने भी पलटवार किया है। प्रदेश प्रभारी विनय मिश्रा ने कहा है राजस्थान में भी कांग्रेस पार्टी को 'आप' का खतरा डराने और सताने लगा है। मिश्रा ने कहा, 'अभी तो बस हमने राजस्थान की जनता के बीच अरविन्द केजरीवाल के विजन को लेकर जाना ही शुरू किया है। मुख्यमंत्री को अभी से ही आप पार्टी की आहट से डर लगने लगा है।'
आप बिगाड़ रही कांग्रेस का खेल!
पहले दिल्ली और फिर पंजाब में सरकार बनाने में सफल रहने वाली आम आदमी पार्टी ने अन्य राज्यों में चुनाव भले ही नहीं जीता हो पर अन्य प्रतिस्पर्धी राजनितिक दलों के बीच कूदकर सभी समीकरण ज़रूर बिगाड़कर रख दिए। इसमें भी सबसे ज़्यादा नुक्सान कांग्रेस पार्टी को होना माना जा रहा है। इसका अंदाज़ा गुजरात और हिमाचल प्रदेश के हालिया चुनाव नतीजों को देखकर लगाया जा सकता है।
कार्यकारिणी बनेगी, फिर रफ़्तार पकड़ेगा मिशन
राजस्थान की सभी 200 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान भले ही आप पार्टी ने कर दिया है, लेकिन चुनावी वर्ष में दाखिल होने के बाद भी अभी तक पार्टी कार्यकारिणी गठित नहीं कर सकी है। कार्यकारिणी गठन की मियाद कई बार बढ़ती चली गई है। ऐसे में राज्य में 'मिशन' को रफ़्तार देने के लिए आप पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यकारिणी गठन की है।
Published on:
07 Jan 2023 11:19 am
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